उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक फिल्मी अंदाज वाली घटना सामने आई है, जिसने पुलिस विभाग को भी हैरान कर दिया। एक लूट के मामले में वांछित शातिर आरोपी मुन्ना खान को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान घायल कर दिया था। उसके पैर में गोली लगी थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुरक्षा के लिए चार पुलिसकर्मियों को उसकी निगरानी में लगाया गया था। पुलिस को पूरा भरोसा था कि घायल होने के कारण आरोपी कहीं नहीं जा पाएगा, लेकिन आगे जो हुआ उसने सबको चौंका दिया।
चार जवानों को चकमा देकर फरार
बताया जा रहा है कि मुन्ना खान ने अस्पताल में रहते हुए मौके का फायदा उठाया और पुलिस की निगरानी को चकमा देकर फरार हो गया। हैरानी की बात यह रही कि पैर में गोली लगी होने के बावजूद वह अस्पताल की दीवार पार कर बाहर निकल गया। इसके बाद वह एक सफेद ऑटो में बैठकर वहां से निकल गया। इस घटना के सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। चार-चार सिपाहियों की मौजूदगी के बावजूद आरोपी का भाग जाना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
ढाई घंटे चला पीछा, फिर हुआ गिरफ्तार
मुन्ना के फरार होते ही पुलिस हरकत में आ गई। श्रवण कुमार सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम को तुरंत सक्रिय किया गया। पूरे शहर में नाकेबंदी कर दी गई और हर संदिग्ध वाहन की जांच शुरू कर दी गई। करीब ढाई घंटे तक पुलिस और आरोपी के बीच पीछा चलता रहा। आखिरकार पुलिस ने मुन्ना को दोबारा पकड़ लिया। इस दौरान पुलिस ने तेजी से काम करते हुए उसे दबोच लिया, जिससे बड़ी राहत मिली।
लापरवाही पर गिरेगी गाज, जांच जारी
अब मुन्ना खान को फिर से अस्पताल में भर्ती कराकर सख्त निगरानी में रखा गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उसे फरार होने में किसने मदद की, खासकर उस ऑटो चालक की तलाश जारी है। वहीं, जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी थी, उनकी लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस का कहना है कि आरोपी के ठीक होते ही उसे जेल भेज दिया जाएगा।