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आखिर 13 जुलाई को क्या होने वाला है? लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ा ऐलान

 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन। 63 किमी लंबे एक्सप्रेसवे से सफर होगा 35-45 मिनट में, गंगा एक्सप्रेसवे समेत कई बड़े मार्गों से मिलेगा सीधा कनेक्शन। जानें टोल, रूट और पूरी जानकारी।

Lucknow Kanpur Expressway

Lucknow Kanpur Expressway: उत्तर प्रदेश के लोगों का लंबे समय से इंतजार अब खत्म होने वाला है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को किया जाएगा। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह परियोजना का शुभारंभ करेंगे। करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच सफर पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगा। अभी दोनों शहरों के बीच ट्रैफिक के कारण डेढ़ से दो घंटे तक का समय लग जाता है, लेकिन एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद यह दूरी केवल 35 से 45 मिनट में पूरी की जा सकेगी। यह छह लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाने की भी योजना है। राजधानी लखनऊ के अमौसी क्षेत्र के पास इसका एक बड़ा हिस्सा एलिवेटेड बनाया गया है, जिससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।

 सिर्फ सफर नहीं, उद्योग और कारोबार को भी मिलेगी नई उड़ान

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे केवल दो शहरों को जोड़ने वाला मार्ग नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस परियोजना से लखनऊ और कानपुर के डिफेंस कॉरिडोर को सीधा लाभ मिलेगा। कानपुर का चमड़ा उद्योग, छोटे-बड़े औद्योगिक क्षेत्र और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पहले से ज्यादा तेज गति से काम कर सकेंगे। माल ढुलाई में समय कम लगेगा, जिससे व्यापारियों की लागत भी घटेगी। एक्सप्रेसवे के निर्माण में आधुनिक 3D ऑटोमेटेड ग्रेडिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा बेहतर बनी रहेगी। सरकार का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में नए निवेश आएंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

 कई बड़े एक्सप्रेसवे से मिलेगा सीधा कनेक्शन

इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसकी शानदार कनेक्टिविटी है। यह लखनऊ के बाहरी रिंग रोड के जरिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर तक का सफर और आसान होगा। वहीं, किसान पथ और शहीद पथ के माध्यम से इसका संपर्क पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी होगा। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग के जरिए बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे तक पहुंच आसान बनेगी। सबसे अहम बात यह है कि उन्नाव के पास यह गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, प्रयागराज, मेरठ और पूर्वी यूपी के बीच यात्रा और माल परिवहन को नई गति मिलेगी। इस तरह लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क की एक मजबूत कड़ी बनकर उभरेगा।

टोल, सुविधाएं और यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर कुल पांच आधुनिक टोल प्लाजा बनाए गए हैं, जहां पूरी तरह ऑटोमेटेड इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम लगाया गया है। सामान्य कार चालकों के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि सालाना फास्टैग पास लेने वालों को राहत मिल सकती है। इस एक्सप्रेसवे पर केवल चार पहिया और उससे बड़े वाहनों को अनुमति होगी, जबकि दोपहिया और तीनपहिया वाहन नहीं चल सकेंगे। नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था, आधुनिक इंटरचेंज, बेहतर सुरक्षा और तेज रफ्तार यात्रा जैसी सुविधाएं इसे खास बनाती हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस परियोजना से जाम की समस्या कम होगी, ईंधन की बचत होगी और प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास और कनेक्टिविटी का एक अहम आधार बनेगा।

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