उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के ऐरायां मशायक गांव के पास एक ही बाइक पर सवार चार सगे भाई शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में अचानक हुए भीषण हादसे में तीन भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चौथा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। जिस घर से सुबह चारों भाई हंसी-खुशी निकले थे, वहां अब चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा हुआ है।
शादी की तैयारी से निकले, लेकिन रास्ता बना आखिरी सफर
परिवार के अनुसार, चारों भाई रिश्तेदारी में आयोजित एक शादी में शामिल होने के लिए घर से निकले थे। समय कम होने के कारण वे सभी एक ही मोटरसाइकिल पर सवार हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में अक्सर कम दूरी के लिए एक ही बाइक पर ज्यादा लोग बैठ जाते हैं, लेकिन इस बार यह लापरवाही भारी पड़ गई।
ऐरायां मशायक गांव के पास पहुंचते ही बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सामने से आ रहे तेज रफ्तार वाहन से टक्कर हो गई, जबकि कुछ का कहना है कि ओवरलोडिंग के कारण बाइक फिसल गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीन भाइयों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। चौथे को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
घटना के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में एंबुलेंस और पुलिस टीम वहां पहुंच गई। सड़क पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
जांच में जुटी पुलिस, सुरक्षा नियमों पर उठे सवाल
सूचना मिलते ही सुल्तानपुर घोष थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सही कारणों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि टक्कर किस वाहन से हुई और क्या उस वाहन चालक की कोई लापरवाही थी।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि एक ही बाइक पर चार लोगों का सवार होना हादसे की बड़ी वजह हो सकता है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ओवरलोडिंग से बाइक का संतुलन बिगड़ जाता है और अचानक ब्रेक या मोड़ के दौरान नियंत्रण खो सकता है। इसके अलावा हेलमेट न पहनना भी जानलेवा साबित होता है।
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े करती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और दोपहिया वाहन पर निर्धारित संख्या से अधिक लोग न बैठें।
एक साथ तीन बेटों की मौत, गांव में पसरा मातम
इस हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिन माता-पिता ने सुबह अपने बेटों को हंसते हुए विदा किया था, वे अब उनके पार्थिव शरीर को देखकर बेसुध हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही परिवार के तीन युवाओं की मौत से गांव की रौनक ही खत्म हो गई है।
शादी की खुशियां अब शोक सभा में बदल गईं। जिस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चारों भाई निकले थे, वहां भी मातम छा गया। रिश्तेदार और ग्रामीण परिजनों को ढांढस बंधाने में लगे हैं, लेकिन इस दुख की भरपाई संभव नहीं है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने और जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि गांवों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता की कमी है, जिसे दूर करना जरूरी है।
फिलहाल घायल भाई का इलाज जारी है और उसकी हालत पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह हादसा एक कड़वा सबक देकर गया है कि छोटी सी लापरवाही भी जिंदगी छीन सकती है। सड़क पर सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
