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घर की खुदाई में निकला ‘सदियों पुराना खजाना’, फिर एक अंधाधुंध डील और पलक झपकते ही उड़ गए 10 लाख!

यूपी के हरदोई में खुदाई के दौरान मिली 'सोने की बेशकीमती मूर्ति' का सच जानकर उड़ गए एक परिवार के होश। मजदूरों ने जाल बिछाकर महिला से ठग लिए 10 लाख रुपये। जानिए कैसे शातिरों ने दिया इस बड़ी वारदात को अंजाम

हरदोई

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। यहाँ एक सीधे-साधे परिवार को उनके ही घर में मिले ‘गुमनाम खजाने’ का लालच देकर लाखों रुपये की चपत लगा दी गई। घटना की मुख्य शिकार रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र के अहमदपुर रेती की रहने वाली दिन्नी देवी सिंह हैं। करीब 20 दिन पहले उनके घर में कुछ निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके लिए शाहजहांपुर से दो मजदूर बुलाए गए थे। इन मजदूरों ने काम के दौरान घर के लोगों का भरोसा जीता और फिर एक ऐसी साजिश रची जिसकी कल्पना भी परिवार ने नहीं की थी। मजदूरों ने दावा किया कि खुदाई के दौरान उन्हें जमीन के नीचे से एक प्राचीन और चमचमाती सोने की मूर्ति मिली है। उन्होंने मूर्ति को इस तरह पेश किया जैसे वह सदियों पुराना कोई बेशकीमती खजाना हो, जिसे पाकर परिवार की किस्मत रातों-रात बदल सकती थी।

बेटी के जरिए बुना गया जाल और ओवरब्रिज पर ‘द ग्रेट एस्केप’

शातिर ठगों को पता था कि सीधे मूर्ति बेचना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए उन्होंने दिन्नी देवी सिंह के साथ-साथ इंद्र नगर कॉलोनी में रहने वाली उनकी बेटी उजाला सिंह को भी अपने जाल में फंसाया। ठगों ने बेहद शातिर अंदाज में परिवार को डराया कि अगर इस मूर्ति को खुले बाजार या किसी सुनार के पास ले जाया गया, तो पुलिस और सरकार की नजर पड़ सकती है और वे सब कानूनी मुसीबत में फंस सकते हैं। लालच और डर के इसी कॉम्बिनेशन ने काम किया। आखिरकार, दोनों पक्षों के बीच गुपचुप तरीके से सौदा तय हुआ। सौदे की रकम 10 लाख रुपये मुकर्रर की गई। इस लेनदेन के लिए शाहाबाद रेलवे ओवरब्रिज के पास का इलाका चुना गया। तय समय पर परिवार पैसे लेकर पहुंचा, ठगों ने उन्हें कपड़े में लिपटी ‘सोने की मूर्ति’ थमाई और जैसे ही 10 लाख रुपये कैश उनके हाथ में आए, वे पलक झपकते ही वहां से रफूचक्कर हो गए।

चमक उतरी तो खुला राज, सदमे में आया पीड़ित परिवार

ठगों के जाने के बाद जब परिवार ने राहत की सांस लेते हुए उस मूर्ति को ध्यान से देखा और उसकी हकीकत जांची, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिसे वे करोड़ों की प्राचीन सोने की मूर्ति समझ रहे थे, वह महज पॉलिश की हुई एक नकली धातु की कबाड़ निकली। ठगी का अहसास होते ही पूरे परिवार के होश उड़ गए और घर में कोहराम मच गया। जिस मेहनत की कमाई को उन्होंने बेहतर भविष्य के सपने देखकर उन मजदूरों के हवाले किया था, वह एक झटके में डूब चुकी थी। इस घटना के बाद स्थानीय इलाके के लोगों में भी भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बाहर से आने वाले मजदूरों पर भरोसा करना अब जान और माल दोनों के लिए खतरा बनता जा रहा है। पीड़ित महिला ने तुरंत इस पूरी धोखाधड़ी की शिकायत स्थानीय पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई।

सीसीटीवी फुटेज और पुलिस का ‘ऑपरेशन अलर्ट’

मामले की गंभीरता को देखते हुए हरदोई पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई है। अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) मार्तण्ड प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा (FIR) दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह साफ हो गया है कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि ठगों ने पहले से ही इसकी पूरी प्लानिंग कर रखी थी। वे मजदूर बनकर घर में घुसे ही इसी मकसद से थे कि परिवार का विश्वास जीतकर बड़ी रकम पर हाथ साफ किया जा सके। शाहाबाद ओवरब्रिज और उसके आसपास के तमाम इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों के भागने के रूट का सुराग मिल सके। इसके साथ ही, पुलिस ने शाहजहांपुर और आसपास के सभी थानों को अलर्ट भेज दिया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के स्कैच और हुलिए के आधार पर उनकी तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही वे सलाखों के पीछे होंगे।

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