उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस की सतर्कता के चलते एक बड़ी रकम बरामद हुई है। शनिवार रात स्मृति उपवन के पास गश्त के दौरान पुलिस की नजर एक लग्जरी BMW कार पर पड़ी, जिसकी खिड़कियों पर काली फिल्म लगी हुई थी। कार पर ‘CATCHM3’ नंबर प्लेट भी लगी थी, जिसने पुलिस का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसी कार के पास एक स्कॉर्पियो भी खड़ी थी। दोनों वाहनों के आसपास तीन युवक मौजूद थे, जिनकी गतिविधियां पुलिस को संदिग्ध लगीं। इसके बाद पुलिस ने मौके पर रुककर उनसे पूछताछ शुरू की और वाहनों के कागजात दिखाने के लिए कहा। जब युवक जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा सके तो पुलिस ने दोनों गाड़ियों की गहन जांच शुरू कर दी।
डिक्की के लॉकर में मिले 26 लाख रुपये
तलाशी के दौरान पुलिस को BMW कार की डिक्की में बने एक लॉकर से बड़ी मात्रा में नकदी मिली। अधिकारियों के अनुसार, वहां 500 रुपये के नोटों के 52 बंडल रखे थे, जिनकी कुल कीमत 26 लाख रुपये थी। पूछताछ में मौजूद युवक इस रकम के बारे में कोई संतोषजनक जवाब या वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि वे नकदी की गिनती कर रहे थे, लेकिन रकम कहां से आई और किस काम के लिए ले जाई जा रही थी, इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद पुलिस ने पूरी नकदी अपने कब्जे में लेकर मामला आयकर विभाग को सौंप दिया ताकि धन के स्रोत की जांच की जा सके।
तीन युवकों को हिरासत में लेकर शुरू हुई जांच
पुलिस ने मौके से तीन युवकों को हिरासत में लिया है। उनकी पहचान शिवांशु पांडे (21), रोचमन वर्मा (19) और रचित ठाकुर (21) के रूप में हुई है। ई-चालान ऐप के जरिए जांच में पता चला कि BMW कार शिवांशु कुमार पांडे के नाम पर पंजीकृत है, जबकि स्कॉर्पियो कृष्ण कुमार सिंह के नाम दर्ज है। फिलहाल पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी नकदी कहां से लाई गई थी और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से होना था। आयकर विभाग भी अब इस पूरे मामले की अलग से जांच करेगा।
पुलिस ने लोगों से की सहयोग की अपील
लखनऊ पुलिस का कहना है कि शहर में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और नियमित रूप से वाहनों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई अपराध और अवैध लेनदेन पर रोक लगाने के लिए जरूरी है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर उन्हें कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि, लावारिस वाहन या कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और आयकर विभाग की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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