मुंबई के वर्ली इलाके में निकली एक राजनीतिक रैली के दौरान शहर की रफ्तार अचानक थम गई। BJP की महिला जन आक्रोश रैली में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के चलते मुख्य सड़कों पर लंबा जाम लग गया। बताया जा रहा है कि यह रैली महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित की गई थी, जिसमें महायुति गठबंधन के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। भारी भीड़ के कारण ट्रैफिक कई घंटों तक प्रभावित रहा, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों, मरीजों और आम यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी बीच जाम में फंसी एक महिला का गुस्सा अचानक फूट पड़ा और मामला चर्चा का विषय बन गया।
जाम में फंसी महिला का गुस्सा, मंत्री से सीधा सवाल
ट्रैफिक में फंसी महिला सीधे रैली स्थल के पास पहुंच गई और वहां मौजूद लोगों के बीच अपनी नाराजगी जाहिर करने लगी। उसने सवाल उठाया कि विरोध जताने के लिए सड़कों को ही क्यों चुना जाता है, जिससे आम जनता को परेशान होना पड़े। महिला ने मौके पर मौजूद राज्य के मंत्री Girish Mahajan पर भी निशाना साधा और कहा कि ऐसी व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार की है। उसने जोर देकर कहा कि रैलियों को खुले मैदान में आयोजित किया जाना चाहिए ताकि ट्रैफिक बाधित न हो। इस दौरान उसकी आवाज में गुस्सा साफ नजर आ रहा था और आसपास खड़े लोग भी इस स्थिति को ध्यान से देख रहे थे।
महिलांच्या सशक्तीकरणाच्या नावाखाली राजकारण करणाऱ्या, आरक्षणाचा मुद्दा पुढे करून महिलांची दिशाभूल करणाऱ्या आणि त्यांना केवळ राजकीय साधन म्हणून वापरत खोटे नॅरेटिव्ह पसरवणा-या भाजपाचा खरा चेहरा या भगिणीने वरळीहून निघालेल्या मोर्चासमोर जाऊन उघडा पाडला आहे.
महिला आरक्षणाच्या आडून… pic.twitter.com/XqsPfhZY9c
— Harshwardhan Sapkal (@INCHarshsapkal) April 21, 2026
ट्रैफिक खुलवाने की मांग पर अड़ी महिला
घटना के दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी ने स्थिति संभालने की कोशिश की और उसे शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन महिला किसी भी तरह की समझाइश के लिए तैयार नहीं हुई। उसने साफ कहा कि उसे तुरंत रास्ता खाली चाहिए और वह बातचीत में समय बर्बाद नहीं करना चाहती। महिला लगातार “ट्रैफिक खोलो” की मांग करती रही, जिससे माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए ट्रैफिक को धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिश की। हालांकि, इस पूरी घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया कि क्या बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान आम जनता की सुविधा का पर्याप्त ध्यान रखा जाता है या नहीं।
वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर बंटी राय
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कई लोग महिला के समर्थन में नजर आए और कहा कि आम जनता को परेशान करके किसी भी तरह का प्रदर्शन सही नहीं है। वहीं कुछ लोगों ने रैली के समर्थन में भी अपनी बात रखी। इस मामले पर Rohit Pawar ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से लोगों को घंटों जाम में फंसाना उचित नहीं है, खासकर जब कई लोग जरूरी काम या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से सफर कर रहे होते हैं। कुल मिलाकर, यह घटना अब केवल एक विवाद नहीं, बल्कि शहरी व्यवस्था और जनसुविधा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनती जा रही है।
