भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। लंबे समय तक टीवी डिबेट और सार्वजनिक मंचों पर बीजेपी का पक्ष रखने वाले शहजाद पार्टी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में पार्टी या शहजाद पूनावाला की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सोशल मीडिया प्रोफाइल में हुए बदलाव और सामने आए संकेतों के बाद उनके इस्तीफे की अटकलों को और बल मिला है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि उनका अगला राजनीतिक कदम क्या होगा।
कांग्रेस से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर, फिर बदली राह
महाराष्ट्र के पुणे में जन्मे शहजाद पूनावाला ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी। पेशे से वकील रहे शहजाद ने सामाजिक कार्यों के साथ राजनीति में कदम रखा और वर्ष 2008 में कांग्रेस का दामन थामा। उन्होंने युवा कांग्रेस में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं और धीरे-धीरे संगठन में अपनी पहचान बनाई। मीडिया सेल से लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव तक का सफर उन्होंने मेहनत के दम पर तय किया। लेकिन वर्ष 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि संगठन में चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष होने चाहिए। इस विवाद के बाद उनके और कांग्रेस नेतृत्व के बीच दूरियां बढ़ती चली गईं और अंततः उन्होंने पार्टी छोड़ दी।
बीजेपी में बने मजबूत प्रवक्ता, कई बड़े मुद्दों पर रखा पक्ष
कांग्रेस से अलग होने के कुछ समय बाद शहजाद पूनावाला भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी और देखते ही देखते वह बीजेपी के सबसे सक्रिय नेताओं में शामिल हो गए। टीवी बहसों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने केंद्र सरकार और पार्टी की नीतियों का मजबूती से बचाव किया। समान नागरिक संहिता (यूसीसी), तीन तलाक कानून, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और कई अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर उन्होंने बीजेपी का पक्ष खुलकर रखा। विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस, पर उनके तीखे राजनीतिक हमले अक्सर सुर्खियों में रहते थे। इसी वजह से वह पार्टी के चर्चित प्रवक्ताओं में गिने जाने लगे।
इस्तीफे के बाद भविष्य को लेकर बढ़ी उत्सुकता
शहजाद पूनावाला के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद अब उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह किसी दूसरी पार्टी में शामिल होंगे, सार्वजनिक जीवन में नई भूमिका निभाएंगे या फिर सक्रिय राजनीति से कुछ समय के लिए दूरी बनाएंगे। इससे पहले भी उन्होंने एक बातचीत के दौरान राजनीति से अलग होने की इच्छा जताई थी, हालांकि बाद में उन्होंने अपना फैसला टाल दिया था। फिलहाल उनके इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार होता है, तो आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति में इसके असर पर भी नजर रहेगी।
Read More-योगी सरकार की तारीफ कर मायावती ने रखी नई मांग,कहा- ‘9 अक्टूबर के पहले अखिलेश के…’
