अमेरिका के न्यूयॉर्क में राष्ट्रीय ध्वज को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम स्थल के बाहर प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों पर भारतीय तिरंगे का कथित अपमान करने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि किसी को भी आरएसएस, बीजेपी या भारत सरकार की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन देश और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता।
वीडियो सामने आया तो भड़के किरेन रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदर्शन का कथित वीडियो साझा किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत के झंडे और देश का अपमान नहीं किया जाना चाहिए। रिजिजू ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि ऐसे कृत्य की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। सामने आए वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर विरोध करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान भारतीय ध्वज के साथ कथित तौर पर बदसलूकी किए जाने का दावा किया गया है। प्रदर्शन के दौरान भारत विरोधी और खालिस्तान समर्थक नारे लगाए जाने की बात भी सामने आई है। घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
We always said, you have freedom to criticize RSS, BJP or Govt. but don’t abuse our nation.
ध्यान से सुनें.. हमारे झंडे और मेरे देश का अपमान मत करो। यह तुम्हें बहुत ज़्यादा महंगा पड़ेगा। pic.twitter.com/THH2kT49yc
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 30, 2026
मोहन भागवत के कार्यक्रम के बाहर हुआ प्रदर्शन
दरअसल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध मैडिसन स्क्वायर गार्डन परिसर में स्थित इंफोसिस थिएटर में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के 6,000 से ज्यादा लोगों के साथ अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। भागवत ने अपने संबोधन में भारत की विविधता और एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के बावजूद एक साथ रहना भारत की खास पहचान है। उन्होंने आरएसएस को लेकर बनी धारणाओं का भी जिक्र किया और कहा कि संगठन ने अपने काम का प्रचार कम किया है। भागवत ने लोगों से अपील की कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संगठन को करीब से समझने की कोशिश करें।
प्रदर्शनकारियों ने फ्री स्पीच का दिया हवाला
भागवत के कार्यक्रम के दौरान स्थल के आसपास कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने अभिव्यक्ति की आजादी का हवाला देते हुए भारतीय तिरंगे का अपमान किया और उसे फाड़ दिया। इस दौरान खालिस्तान समर्थक नारे भी लगाए गए। घटना से जुड़े वीडियो में प्रदर्शनकारियों और पुलिस की मौजूदगी दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, सामने आए वीडियो और आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मामले को लेकर भारतीय समुदाय में नाराजगी देखी जा रही है। विवाद का एक अहम पहलू यह भी है कि प्रदर्शन के दौरान मौजूद पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
रिजिजू बोले- आलोचना करो, लेकिन देश का अपमान नहीं
किरेन रिजिजू ने अपने बयान में राजनीतिक विरोध और देश के सम्मान के बीच अंतर बताया। उन्होंने कहा कि आरएसएस, बीजेपी या सरकार की आलोचना करने की पूरी आजादी है, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज और देश का अपमान नहीं किया जाना चाहिए। उनके बयान के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। फिलहाल विवाद से जुड़े वीडियो और प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। ऐसे में घटना की पूरी तस्वीर आधिकारिक जांच या संबंधित अधिकारियों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।
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