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मैदान-ए-शादी में सजी रह गईं मेहंदी वाली हथेलियां: बाइक न मिलने पर घोड़ी पर बैठने से मुकरा दूल्हा, मातम में बदलीं घर की खुशियां

अलीगढ़

उत्तर प्रदेश के ताला नगरी अलीगढ़ से एक बेहद दर्दनाक और इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक गरीब मजदूर पिता ने अपनी बेटी की डोली उठाने के लिए दिन-रात मेहनत करके पैसे जोड़े और तमाम अरमानों के साथ निकाह तय किया। लेकिन शादी के दिन उस समय कोहराम मच गया जब दूल्हे पक्ष ने दहेज में एक बाइक न मिलने पर अपनी बारात लाने से साफ इनकार कर दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद दुल्हन के हाथों की मेहंदी का रंग फीका पड़ गया और घर की सारी खुशियां अचानक सन्नाटे और मातम में बदल गईं।

गरीब मजदूर पिता की बेबसी और आंसू

मामला अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र के नगला पटवारी इलाके का है। यहां रहने वाले बल्लू खां, जो पेशे से एक साधारण चिनाई मजदूर हैं, ने अपनी लाडली बेटी तराना का निकाह शाहजमाल निवासी सलमान पुत्र उमर के साथ तय किया था। तय कार्यक्रम के अनुसार 29 अगस्त की दोपहर को बारात आनी थी। परिवार ने अपनी हैसियत के मुताबिक मेहमानों के स्वागत और खाने-पीने के तमाम इंतजाम पुख्ता कर रखे थे। मगर दूल्हा सलमान और उसके परिवार वालों की भूख इतनी बढ़ चुकी थी कि उन्होंने दहेज में बाइक की मांग पूरी न होने का बहाना बनाते हुए बारात लाने से पैर पीछे खींच लिए।

इंतजार करते-करते बिगड़ी दुल्हन की तबीयत

निर्धारित समय पर जब बारात नहीं पहुंची तो दुल्हन पक्ष के लोग बेचैन होने लगे। रिश्तेदारों और सहेलियों के बीच बैठी तराना घंटों तक अपने होने वाले हमसफर की राह देखती रही, लेकिन दूल्हे का कहीं अता-पता नहीं चला। जब यह साफ हो गया कि लालची दूल्हा पक्ष बारात लेकर नहीं आएगा, तो इस सदमे को दुल्हन बर्दाश्त नहीं कर सकी। लगातार रोने और मानसिक तनाव की वजह से तराना की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने तुरंत उसे डॉक्टर के पास ले जाकर दवा दिलाई। एक गरीब पिता की आंखें अपनी बेटी की इस हालत को देखकर नम हो गईं और समाज के इस कोढ़ पर सवाल खड़े होने लगे।

पुलिस की दखल और न्याय की उम्मीद

इस शर्मनाक वाकये के बाद पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस थाने का दरवाजा खटखटाया है और दूल्हा पक्ष के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। खबरों के मुताबिक, इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच थाने में बातचीत और समझौते के प्रयास भी चल रहे हैं। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर से समाज में फैली दहेज रूपी दानव की भयानक सच्चाई को उजागर कर दिया है। लोग सोशल मीडिया और आम बोलचाल में दूल्हे की इस कायराना हरकत की पुरजोर निंदा कर रहे हैं और हर तरफ इसी बात की चर्चा है कि आखिर कब तक बेटियों के अरमानों का सौदा इस तरह किया जाता रहेगा।

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