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PM मोदी ने खेलों को लेकर खोला बड़ा राज, बोले- सिर्फ मेडल नहीं, देश की…

खेलो इंडिया डायलॉग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों के महत्व पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि खेल केवल मेडल जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बेहतर इंसान और प्रतियोगी बनने की सीख देते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया डायलॉग कार्यक्रम में देश के युवाओं और खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेलों का उद्देश्य केवल पदक हासिल करना नहीं है। खेल व्यक्ति को अनुशासन, संघर्ष और आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के हर जिले में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें पहचानने और सही दिशा देने की है। पीएम मोदी ने खेल और युवाओं की शक्ति को जोड़ते हुए कहा कि यही ताकत नए भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकती है।

ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन के लिए नए खेलों पर ध्यान देने की जरूरत

प्रधानमंत्री ने भारतीय खेल व्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को कई ऐसे खेलों में अपनी भागीदारी बढ़ानी होगी, जिनमें अभी देश की मौजूदगी कम है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारत के पास लंबा समुद्री तट और बड़े पहाड़ी क्षेत्र हैं, फिर भी सर्फिंग, स्पोर्ट क्लाइंबिंग और कई अन्य खेलों में देश की मजबूत पहचान नहीं बन पाई है। उन्होंने कहा कि वॉटर स्पोर्ट्स और विंटर स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए बेहतर इकोसिस्टम तैयार करना जरूरी है।

5 से 15 साल के बच्चों की प्रतिभा पहचानने के लिए बनेगा बड़ा अभियान

पीएम मोदी ने कहा कि देश में छोटी उम्र से ही खिलाड़ियों की क्षमता पहचानना जरूरी है। उन्होंने 5 से 15 साल के बच्चों की प्रतिभा खोजने के लिए बड़े स्तर पर टैलेंट हंट की बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि सिर्फ यह देखना पर्याप्त नहीं है कि बच्चे की रुचि किस खेल में है, बल्कि यह भी समझना होगा कि वह किस खेल के लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त है। इसके बाद उसी हिसाब से उसे प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आधुनिक खेल व्यवस्था बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

खेल सिखाता है हार के बाद वापसी करना, यही है असली जीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खेल जीवन जीने की कला सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज, बेहतर पारिवारिक माहौल और अच्छी कार्य संस्कृति के लिए खेल भावना बेहद जरूरी है। मैदान पर उतरकर ही व्यक्ति जीत और हार दोनों को स्वीकार करना सीखता है। पीएम मोदी ने कहा कि खेल हमें सिर्फ चैंपियन बनने की प्रेरणा नहीं देते, बल्कि एक बेहतर प्रतियोगी बनना भी सिखाते हैं। गिरने के बाद दोबारा उठने का जज्बा ही खेलों की सबसे बड़ी सीख है।

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