Haryana के Jhajjar जिले के बरानी गांव में होली का त्योहार उस समय दहशत में बदल गया, जब 8 साल के एक मासूम बच्चे का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया। जानकारी के अनुसार, गांव के मुख्य चौक के पास बच्चा अन्य बच्चों के साथ रंग खेल रहा था। तभी सुबह करीब 11 बजे एक अज्ञात व्यक्ति सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में आया और बच्चे को अपने साथ ले गया। देखते ही देखते खुशियों का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। अपहरण की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया और परिवार के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। बच्चे के पिता अमरजीत फोगाट, जो बीडीएम नर्सिंग कॉलेज के संचालक बताए जा रहे हैं, ने आरोप लगाया कि बदमाशों ने 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया और ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर का माहौल बन गया।
5 करोड़ की फिरौती से दहशत
परिवार का कहना है कि अपहरण के बाद उन्हें भारी रकम की फिरौती की मांग का संकेत मिला, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई। गांव में यह चर्चा तेजी से फैल गई कि बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से बच्चे को निशाना बनाया। घटना के तुरंत बाद झज्जर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए पूरे इलाके में नाकाबंदी कर दी। आसपास के रास्तों पर चेकिंग शुरू की गई और संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली गई। पुलिस ने गांव और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान एक सफेद स्कॉर्पियो गाड़ी की फुटेज सामने आई, जो घटना के समय गांव की गलियों से गुजरती दिखाई दी। इसी आधार पर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर वाहन की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने का अभियान तेज किया। ग्रामीणों ने भी पुलिस की मदद करते हुए संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी साझा की। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि किसी भी हालत में बच्चे को सुरक्षित वापस लाया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस की तेजी से कार्रवाई, रोहतक से बरामदगी
लगातार सर्च ऑपरेशन और तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस को अहम सुराग मिले। देर शाम सूचना मिली कि संदिग्ध वाहन रोहतक इलाके की ओर देखा गया है। इसके बाद पुलिस टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए रोहतक में छापेमारी की और बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। राहत की बात यह रही कि बच्चे को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा था। उसे तुरंत परिवार के हवाले कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में फिरौती से जुड़े कॉल या मैसेज की पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं की गई है, लेकिन पुलिस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है। झज्जर के डीसीपी अमित दहिया ने बताया कि बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया है और परिवार को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
गांव में राहत, लेकिन सवाल बरकरार
बच्चे की सुरक्षित वापसी से परिवार और गांववालों ने राहत की सांस ली, लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। त्योहार के दिन दिनदहाड़े अपहरण की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सीसीटीवी और पुलिस गश्त को और मजबूत किया जाना चाहिए। माता-पिता भी अब बच्चों की सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं। इस घटना ने यह दिखा दिया कि अपराधी त्योहार जैसे मौके का भी फायदा उठाने से नहीं चूकते। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले का खुलासा जल्द किया जाएगा और जिन लोगों ने इस साजिश को अंजाम दिया है, उन्हें कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल मासूम की सुरक्षित वापसी सबसे बड़ी राहत है, लेकिन गांव में उस दिन की दहशत को लोग जल्दी भूल नहीं पाएंगे।
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