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‘भाषण को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया’, अकबर वाले बयान पर मंत्री सतीश शर्मा की सफाई

यूपी सरकार के मंत्री सतीश चंद्र शर्मा के अकबर और रावण को लेकर दिए बयान पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। विपक्ष के हमलों के बीच मंत्री ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।

उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री Satish Chandra Sharma के एक बयान ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। बाराबंकी में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने अपने भाषण में कहा, “जब पूरा देश अकबर को स्वीकार कर चुका था तब एक अकेला रावण उन्हें ललकारता था।” उनके भाषण का यही हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। बयान सामने आने के बाद लोगों ने इतिहास और पात्रों के संदर्भ को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने मंत्री के बयान को ऐतिहासिक तथ्यों से जोड़ते हुए आलोचना की, जबकि समर्थकों ने इसे भाषण की गलत व्याख्या बताया। देखते ही देखते यह बयान राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया और विपक्षी दलों ने इसे लेकर योगी सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया।

विपक्ष ने साधा निशाना, मंत्री समर्थकों ने किया बचाव

मंत्री सतीश शर्मा के बयान पर समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार के मंत्री सार्वजनिक मंचों से बिना तथ्यों के बयान देकर समाज में भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने इसे भाषण में हुई बड़ी गलती बताया तो कुछ ने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया। दूसरी तरफ मंत्री के समर्थकों ने कहा कि उनके पूरे भाषण को सुनने की बजाय केवल कुछ सेकंड का वीडियो वायरल किया गया है। समर्थकों का दावा है कि मंत्री महाराणा प्रताप के संघर्ष और साहस का उदाहरण दे रहे थे और उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी और सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स की सच्चाई को लेकर बहस छेड़ दी है।

विवाद बढ़ने पर मंत्री ने दी सफाई

विवाद गहराने के बाद मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने मीडिया के सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके भाषण को एडिट करके सोशल Media पर फैलाया गया है ताकि राजनीतिक फायदा उठाया जा सके। मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर अधूरा वीडियो वायरल कर रहे हैं और उनके बयान को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी ऐतिहासिक तथ्य को बदलना नहीं था, बल्कि महाराणा प्रताप के साहस और संघर्ष की भावना को लोगों तक पहुंचाना था। मंत्री ने यह भी कहा कि एक शब्द को पकड़कर पूरे भाषण को विवादित बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पूरे भाषण को सुना और समझा था, लेकिन सोशल मीडिया पर केवल एक हिस्से को चलाकर भ्रम पैदा किया गया। अब मंत्री की सफाई के बाद भी विपक्ष लगातार उन पर हमलावर बना हुआ है।

महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद

यह पूरा मामला बाराबंकी में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh के बेटे और नोएडा से विधायक Pankaj Singh भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। मंच से बोलते हुए मंत्री सतीश शर्मा महाराणा प्रताप के संघर्ष और मुगलों के खिलाफ उनके विरोध का जिक्र कर रहे थे। इसी दौरान उनके बयान का एक हिस्सा वायरल हो गया और विवाद शुरू हो गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच ऐसे बयान तेजी से सियासी रंग पकड़ लेते हैं। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया से निकलकर राजनीतिक मंचों तक पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।

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