देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को रद्द किए जाने के बाद अब पेपर लीक मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों के शुरुआती इनपुट में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क की शुरुआत राजस्थान की राजधानी जयपुर से हुई, जहां परीक्षा का पेपर तैयार और प्रिंट किया गया था। सूत्रों के मुताबिक पेपर सबसे पहले महाराष्ट्र के नासिक में लीक हुआ और फिर वहां से यह कई राज्यों में तेजी से फैलता चला गया। जांच में यह भी पता चला है कि नासिक से पेपर हरियाणा पहुंचा, उसके बाद केरल और तमिलनाडु तक इसकी कॉपी भेजी गई। आखिर में यह नेटवर्क वापस राजस्थान के सीकर तक पहुंच गया, जहां अब जांच की सुई दो बड़े कोचिंग संस्थानों की तरफ घूम रही है।
सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिए गए कुछ छात्रों के मोबाइल फोन की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। मोबाइल चैट और फॉरवर्ड रिकॉर्ड में पेपर को कई बार अलग-अलग नंबरों पर भेजे जाने के सबूत मिले हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पेपर सबसे पहले किसने हासिल किया और इसे पैसे लेकर कितने लोगों तक पहुंचाया गया। माना जा रहा है कि यह केवल एक राज्य तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि कई राज्यों में फैले बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
छात्रों की शिकायत से खुला मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब कई छात्रों ने National Testing Agency यानी NTA को परीक्षा से पहले सवाल वायरल होने की शिकायत भेजी। शुरुआती जांच में मामला गंभीर लगा तो खुफिया एजेंसी IB को भी इनपुट मिले। इसके बाद यह जानकारी राजस्थान सरकार तक पहुंचाई गई और फिर राज्य की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG को जांच सौंपी गई। SOG ने कार्रवाई करते हुए कई छात्रों और संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया, जिनसे पूछताछ के बाद पेपर लीक नेटवर्क की कई परतें खुलने लगीं।
हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि पेपर तैयार करने वाली एजेंसी कौन थी। जांच एजेंसियां उस प्रिंटिंग और पेपर मैनेजमेंट सिस्टम की भी जांच कर रही हैं, जहां से पेपर बाहर निकलने की आशंका है। सूत्रों का कहना है कि पेपर प्रिंटिंग से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक हर स्तर पर निगरानी रखने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस मामले ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और गोपनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों के बीच इस घटना को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
परीक्षा रद्द, अब CBI करेगी पूरे नेटवर्क की जांच
पेपर लीक विवाद बढ़ने के बाद National Testing Agency ने बड़ा फैसला लेते हुए 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है और छात्रों के भविष्य से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही यह भी ऐलान किया गया कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और नई तारीख जल्द घोषित होगी।
केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच Central Bureau of Investigation यानी CBI को सौंप दी है। अब CBI पूरे नेटवर्क की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि पेपर लीक में कौन-कौन लोग शामिल थे। माना जा रहा है कि जांच केवल छात्रों या दलालों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एजेंसियां परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और संस्थानों की भूमिका भी खंगाल सकती हैं। CBI को NTA की ओर से परीक्षा से जुड़े सभी दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी सौंपी जाएगी।
सीकर के कोचिंग सेंटरों पर बढ़ी नजर, छात्रों में बढ़ी चिंता
राजस्थान का सीकर पिछले कुछ वर्षों में मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। लेकिन अब इस मामले में सीकर के दो बड़े कोचिंग सेंटरों का नाम सामने आने के बाद शिक्षा जगत में हलचल मच गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले सवाल उपलब्ध कराए गए थे और इसके बदले मोटी रकम वसूली गई थी। हालांकि अभी तक किसी कोचिंग संस्थान के खिलाफ आधिकारिक तौर पर आरोप तय नहीं किए गए हैं, लेकिन जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद लाखों छात्रों और उनके परिवारों में भारी तनाव है। जिन छात्रों ने ईमानदारी से परीक्षा दी थी, वे अब दोबारा परीक्षा की तैयारी को लेकर परेशान हैं। सोशल मीडिया पर भी छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने की मांग उठाई है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं केवल छात्रों का मनोबल नहीं तोड़तीं, बल्कि देश की पूरी प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। अब सभी की नजर CBI जांच और नई परीक्षा तारीख के ऐलान पर टिकी हुई है।