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सोनम वांगचुक की एंट्री से बदला आंदोलन का माहौल, छात्रों ने किया बड़ा ऐलान

भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को सोनम वांगचुक का समर्थन मिला है। जानिए छात्रों की पांच बड़ी मांगें, विधानसभा घेराव की तैयारी और पूरे मामले की पूरी जानकारी।

Jharkhand Student Protest

Jharkhand Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। आंदोलन के 12वें दिन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन की खबर सामने आई है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि सोनम वांगचुक ने छात्रों के संघर्ष का समर्थन किया है। छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं और उनकी लड़ाई केवल निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के लिए है। आंदोलन में शामिल एक छात्र ने कहा कि वे सोनम वांगचुक के विचारों और उनके शांतिपूर्ण आंदोलन से प्रेरणा ले रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अगर सरकार जल्द उनकी मांगों पर फैसला नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

विधानसभा घेराव और भूख हड़ताल की तैयारी

आंदोलन कर रहे छात्रों ने आने वाले दिनों के लिए अपनी रणनीति भी साफ कर दी है। उनका कहना है कि 7 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा, जबकि आगे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन की भी तैयारी है। छात्रों के अनुसार आंदोलन में शामिल कुछ साथी पहले ही भूख हड़ताल पर बैठ चुके हैं। इसके अलावा तिरंगा मार्च निकालने पर भी विचार किया जा रहा है। आंदोलन से जुड़े छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी तरह का टकराव नहीं, बल्कि सरकार तक अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचाना है। उनका कहना है कि यदि सरकार बातचीत के लिए आगे आती है, तो समाधान का रास्ता भी निकाला जा सकता है।

 किन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं छात्र?

प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मुख्य मांग है कि 14वीं JPSC परीक्षा, JSSC CGL परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। छात्रों का कहना है कि जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराई जानी चाहिए ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। उनका आरोप है कि परीक्षा परिणामों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनसे भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं। छात्रों का यह भी कहना है कि जब तक पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द किया जाए। इसके साथ ही परीक्षा कराने वाली एजेंसी की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था के लिए है।

सरकार के फैसले पर टिकी सबकी नजर

भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद बढ़ने के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) पहले ही प्रस्तावित कई परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर चुका है। इसी बीच छात्रों का आंदोलन लगातार बड़ा होता जा रहा है और अब उन्हें अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक छात्रों की सभी मांगों पर कोई अंतिम फैसला नहीं आया है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत होती है या आंदोलन और तेज होता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का भरोसा नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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