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सलवार उतारने की कोशिश पर हाई कोर्ट के फैसले से SC नाराज, CJI बोले- ‘आरोपी को सुने बिना…’

पटना हाई कोर्ट के रेप प्रयास से जुड़े फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। CJI सूर्य कांत की बेंच ने मामले में आरोपी को नोटिस देने के निर्देश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट

पटना हाई कोर्ट के उस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें महिला की सलवार उतारने और उसके सीने पर हाथ लगाने की घटना को रेप के प्रयास के बजाय महिला की गरिमा भंग करने का अपराध माना गया था। 9 जुलाई 2026 को दिए फैसले में हाई कोर्ट ने आरोपी को आईपीसी की धारा 376/511 के तहत दोषसिद्धि से राहत दी थी और मामले को धारा 354 के दायरे में माना था।

CJI सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने उठाए सवाल

चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के फैसले में की गई कुछ टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि आरोपी को सुने बिना हाई कोर्ट के फैसले को सीधे रद्द नहीं किया जा सकता। अदालत ने बिहार के एडवोकेट जनरल एसडी संजय से आरोपी तक नोटिस पहुंचाने और इसके लिए स्थानीय पुलिस की मदद लेने को कहा है।

2008 में फोटो स्टूडियो में हुई थी घटना

यह मामला वर्ष 2008 का है और बिहार के बांका जिले से जुड़ा है। रिकॉर्ड के मुताबिक महिला अपने पिता के साथ फोटो खिंचवाने स्टूडियो गई थी। आरोप था कि स्टूडियो संचालक ने उसके पिता को बाहर भेजकर दरवाजा बंद कर लिया और महिला की सलवार उतारने की कोशिश की। महिला ने शोर मचाया तो उसके पिता ने दरवाजा खोलने की कोशिश की, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गया। हाई कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करते हुए कहा था कि इन घटनाओं से महिला की गरिमा भंग करने का अपराध बनता है, लेकिन रेप के प्रयास के लिए जरूरी स्पष्ट कृत्य साबित नहीं हुआ।

सुप्रीम कोर्ट पहले भी दे चुका है संवेदनशीलता का निर्देश

सुनवाई के दौरान वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट का ध्यान फरवरी 2026 के एक अन्य मामले की ओर भी दिलाया। उस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया था और यौन अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई में अदालतों को संवेदनशीलता बरतने की बात कही थी। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक उस मामले में यह सवाल भी शामिल था कि आरोपी केवल तैयारी के स्तर पर था या रेप के प्रयास तक पहुंच चुका था।

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