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अब अयोध्या में नहीं चलेंगी रामभक्तों पर गोलियां: सीएम योगी का सपा पर तीखा हमला, बोले- जय श्रीराम बोलने पर नहीं खानी पड़ेगी लाठियां

अयोध्या

अयोध्या की निषाद बस्ती में आयोजित एक भव्य दीपावली मिलन समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि आज का समय और अयोध्या का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। पहले जहां रामभक्तों पर गोलियां चलाई जाती थीं और ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने पर लाठियां भांजी जाती थीं, वैसी दमनकारी नीतियां अब पूरी तरह इतिहास बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब उत्तर प्रदेश में किसी को भी आस्था के साथ खिलवाड़ करने या श्रद्धालुओं पर अत्याचार करने की छूट नहीं दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में अयोध्या की प्रसिद्ध पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर कोई भी प्रतिबंध नहीं लगा पाएगा।

मंथरा और मारीच जैसी प्रवृत्तियों से अयोध्या को रखना होगा सुरक्षित

अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी ने भगवान श्रीराम के जीवन संघर्ष और उनके सहयोगियों के अमूल्य योगदान को याद किया। उन्होंने निषादराज, माता शबरी और वानर-भालू सेना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम ने इन्हीं के सहयोग से राक्षसी ताकतों का अंत किया था। सीएम योगी ने प्रदेशवासियों और अयोध्यावासियों से आह्वान किया कि सभी को मिलकर यह संकल्प लेना चाहिए कि आने वाले समय में अयोध्या की पवित्र भूमि पर किसी भी ‘मंथरा’ या ‘मारीच’ जैसी नकारात्मक और विध्वंसक ताकतों की कुदृष्टि न पड़े। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या का जो भव्य और नव्य स्वरूप पूरी दुनिया के सामने उभरकर आया है, उसके पीछे केवल सरकारी नीतियां ही नहीं, बल्कि यहां के सफाईकर्मियों, पार्षदों, नाविकों, माझियों और निषाद समाज के लोगों का अथक परिश्रम और सहयोग शामिल है।

विरासत को सहेजने की जिम्मेदारी स्थानीय नागरिकों की

मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकार का काम केवल भव्य भवनों, सड़कों और आधारभूत ढांचे का निर्माण कराना है, लेकिन उस विकास और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित व संरक्षित रखने की मुख्य जिम्मेदारी स्थानीय नागरिकों की होती है। समारोह के दौरान उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों, नाविकों, माझियों और निषाद समाज के लोगों को सम्मानित किया तथा उन्हें दीपावली के तोहफे भेंट किए। सीएम ने अपील की कि दीपोत्सव के इस पावन पर्व पर हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के घर में भी खुशियों का दीप जले। कोई भी गरीब परिवार त्योहार के उल्लास से अछूता न रहे, इसके लिए सभी को जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए और स्थानीय हस्तशिल्पियों तथा कुम्हारों के बनाए मिट्टी के दीयों की खरीदारी कर उनके जीवन में भी उजाला लाना चाहिए।

प्रकाश और समरसता का पर्व है दीपावली, एकजुटता का दिया संदेश

दीपावली के इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह पावन पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अयोध्या की प्राचीन दीपावली परंपरा को आज वैश्विक पहचान मिल चुकी है, जिससे पूरी दुनिया में सनातन संस्कृति का मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों को रोशन करने के साथ-साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सामंजस्य के साथ मनाई जाने वाली यह दीपावली उत्तर प्रदेश के विकास पथ को और अधिक गति प्रदान करेगी तथा प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का एक नया अध्याय लिखेगी।

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