पर्वतारोहण की दुनिया से एक बेहद दिल दहला देने वाली और दुखद खबर सामने आई है। दुनिया भर में अपनी बहादुरी और असाधारण उपलब्धियों के लिए मशहूर नेपाली-ब्रिटिश पर्वतारोही निर्मल पुरजा (जिन्हें प्यार से ‘निम्स दाई’ भी कहा जाता था) अब हमारे बीच नहीं रहे। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में स्थित दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी ‘ब्रॉड पीक’ पर आए भीषण हिमस्खलन (एवलांच) की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई है। रविवार, 2 अगस्त 2026 को रेस्क्यू टीमों ने करीब 5,700 मीटर की ऊंचाई से उनका शव बरामद कर लिया है। इस दर्दनाक हादसे ने न केवल उनके परिवार और करीबियों को, बल्कि पूरी ग्लोबल माउंटेनियरिंग कम्युनिटी को गहरे सदमे में डाल दिया है।
5,700 मीटर की ऊंचाई पर मिला शव, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
पाकिस्तान के एल्पाइन क्लब (ACP) द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ग्राउंड रेस्क्यू टीम ने कठिन मौसम और बेहद खतरनाक भौगोलिक परिस्थितियों के बीच कड़ी मशक्कत कर 43 वर्षीय निर्मल पुरजा के पार्थिव शरीर को ढूंढ निकाला। जिस पर्वत पर उन्होंने अपनी जिंदगी के कई सबसे बड़े रोमांचक पल बिताए थे, आखिरकार उसी ब्रॉड पीक ने उन्हें हमेशा के लिए अपनी आगोश में ले लिया। राहत दल का कहना है कि अत्यधिक ऊंचाई, खड़ी ढलानों और लगातार मंडरा रहे एवलांच के खतरे के कारण बचाव कार्य में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टरों की मदद लेना भी असंभव साबित हो रहा है, जिसके बावजूद बचाव दल जापानी कैंप तक शवों को सुरक्षित लाने के लिए लगातार जुटा हुआ है।
एक ही झटके में खत्म हुई 10 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय एक्सपीडिशन टीम
यह भयानक हादसा सिर्फ एक व्यक्ति की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने एक पूरी टीम को लील लिया है। निर्मल पुरजा अपनी इस आखिरी यात्रा में कुल 10 सदस्यों वाली एक अंतरराष्ट्रीय एक्सपीडिशन टीम का नेतृत्व कर रहे थे। शनिवार को उनकी अपनी कंपनी ‘एलीट एक्सपेड’ ने यह दुखद पुष्टि कर दी थी कि इस अभियान में शामिल सभी 10 पर्वतारोहियों की जान जा चुकी है। इस दल में नेपाल, पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका और चीन के नामी-गिरामी पर्वतारोही शामिल थे। इससे पहले शुक्रवार को खोज अभियान के दौरान चार शव बरामद किए गए थे, जिनकी पहचान ओमान की नादिरा अहमद अब्दुल्ला अल हर्थी, नेपाल के पुर बहादुर गुरुंग और अमेरिका की मैलोरी गीस के रूप में हुई थी, जिन्हें बाद में एयरलिफ्ट कर स्कार्दू पहुंचाया गया था।
पर्वतारोहण जगत के लिए कभी न पूरी होने वाली क्षति
निर्मल पुरजा केवल एक पर्वतारोही नहीं थे, बल्कि वे असंभव को संभव बना दिखाने वाले जीवट और साहस के पर्याय थे। उन्होंने अपने करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए और कठिन अभियानों को अंजाम दिया, जिन्हें देख दुनिया दंग रह जाती थी। उनकी अगुवाई में हुआ यह ब्रॉड पीक अभियान उनकी अनगिनत सफल यात्राओं में से एक होने वाला था, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरी दुनिया से शोक संदेश आ रहे हैं। पहाड़ों की चोटियों को अपनी उंगलियों पर नचाने वाले ‘निम्स दाई’ का इस तरह दुनिया से चले जाना पर्वतारोहण के इतिहास में एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है, जिसे भर पाना नामुमकिन है।
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