बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत का नई पीढ़ी की महिलाओं को लेकर दिया गया बयान अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस अब राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गई है। कंगना ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट में कुछ युवा महिलाओं की जीवनशैली पर टिप्पणी करते हुए कई विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया था। उनके बयान के बाद जहां सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं, वहीं अब विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने भी कंगना के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि संसद सदस्य होने के नाते किसी भी सार्वजनिक टिप्पणी का समाज पर व्यापक असर पड़ता है, इसलिए जिम्मेदारी के साथ बयान दिए जाने चाहिए।
सपा सांसद ने बयान पर जताई नाराजगी
अफजाल अंसारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह कंगना रनौत के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते, क्योंकि लोग पहले ही उनके बयानों को देखकर अपनी राय बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति संसद का सदस्य बन जाता है, तो उसके हर बयान को गंभीरता से लिया जाता है। ऐसे में सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। सपा सांसद ने यह भी कहा कि कई बार कंगना ऐसे बयान देती हैं, जिन पर बाद में विवाद खड़ा हो जाता है। उनके मुताबिक, इस तरह की टिप्पणियां समाज में गलत संदेश दे सकती हैं और जनप्रतिनिधियों से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जाती।
क्या था कंगना रनौत का पूरा बयान?
पूरा विवाद उस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें कंगना रनौत ने नई पीढ़ी की कुछ महिलाओं की जीवनशैली पर अपनी राय व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि आत्मनिर्भर और जिम्मेदार महिला वही होती है, जो अपने फैसलों की जिम्मेदारी खुद उठाती है और अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़ती है। इसी दौरान उन्होंने कुछ महिलाओं को लेकर तीखी टिप्पणियां भी कीं, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई। कई लोगों ने उनके बयान का विरोध किया, जबकि कुछ लोगों ने इसे उनकी व्यक्तिगत राय बताते हुए समर्थन भी किया। इस बयान के बाद इंटरनेट पर बहस लगातार तेज होती गई और अब यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया है।
पेपर लीक बिल पर भी सरकार को घेरा
कंगना रनौत के बयान पर प्रतिक्रिया देने के साथ-साथ अफजाल अंसारी ने लोकसभा में चर्चा के दौरान एंटी पेपर लीक बिल पर भी सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पहले भी पेपर लीक की घटनाएं होती थीं, लेकिन उन पर कार्रवाई की जाती थी। उनके अनुसार, अब इस तरह के मामलों को रोकने के लिए केवल सजा बढ़ाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि व्यवस्था को मजबूत बनाना भी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि कई पुराने मामलों में अब तक फैसला नहीं आया है और सरकार अब फास्ट ट्रैक कोर्ट की बात कर रही है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार का कहना है कि नया कानून परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। फिलहाल कंगना रनौत के बयान और उस पर हो रही राजनीतिक प्रतिक्रियाएं चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई हैं।
