Home देश संसद में अमित शाह-राहुल गांधी के बीच सियासी तकरार, क्या अब आखिरी...

संसद में अमित शाह-राहुल गांधी के बीच सियासी तकरार, क्या अब आखिरी दिन फिर हंगामे में बीतेगा सत्र?

संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन से पहले अमित शाह और राहुल गांधी आमने-सामने हैं। शाह ने हर सवाल का जवाब देने की बात कही, अब देखना है संसद चलेगी या हंगामा होगा।

अमित शाह और राहुल गांधी

संसद के मानसून सत्र का आखिरी दिन बेहद अहम होने वाला है। लगातार जारी हंगामे के बीच विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाब मांग रहा है। अमित शाह ने अब साफ कहा है कि वह किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष से चर्चा के लिए तैयार होने को कहा है। वहीं, राहुल गांधी ने अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सत्र के आखिरी दिन संसद में चर्चा हो पाएगी या फिर पूरा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा।

अमित शाह बोले- सवाल पूछिए, मैं सदन में जवाब दूंगा

अमित शाह ने कहा कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से स्पीकर को पत्र देने और चर्चा के लिए समय तय करने की बात कही। शाह के मुताबिक, वह खुद सदन में मौजूद रहेंगे, विपक्ष की बात सुनेंगे और पूछे गए सवालों का जवाब देंगे। उन्होंने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब फैसला विपक्ष को करना है कि वह चर्चा चाहता है या फिर हंगामा जारी रखना चाहता है। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी पहले ही इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमति जता चुके हैं।

राहुल गांधी ने शाह पर साधा निशाना

अमित शाह के बयान के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री लंबे समय से सदन में इस मुद्दे पर जवाब देने से बच रहे हैं। राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि छात्रों पर गोली चलाने और कील लगी लाठियों के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था। राहुल ने कहा कि अगर इस कार्रवाई का आदेश गृह मंत्री की ओर से दिया गया था तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने अमित शाह पर सदन में आने से बचने का आरोप भी लगाया।

संसद में दोनों पक्षों के अपने-अपने मुद्दे

मानसून सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में लगातार विरोध और नारेबाजी देखने को मिली है। विपक्ष जहां छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से जवाब की मांग कर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष के सांसद भी झारखंड में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष पर सवाल उठा रहे हैं। दोनों पक्षों के विरोध के चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई है। इस बीच सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। अब आखिरी दिन दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंचते हैं या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।

आखिरी दिन होगा फैसला, चर्चा या फिर हंगामा?

संसद का मानसून सत्र अब समाप्ति के करीब है और केवल एक दिन का समय बचा है। अमित शाह ने साफ तौर पर कहा है कि वह सदन में बैठकर विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर राहुल गांधी और विपक्ष पहले कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जवाब चाहते हैं। ऐसे में आखिरी दिन की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हैं। अगर विपक्ष चर्चा के लिए तैयार होता है तो लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को खत्म करने का रास्ता खुल सकता है। लेकिन अगर दोनों पक्ष अपने रुख पर कायम रहे तो सत्र का आखिरी दिन भी हंगामे में गुजरने की आशंका बनी रहेगी।

Read More-महिला आरक्षण पर CM विजय ने साफ किया रुख, परिसीमन को लेकर भी कही बड़ी बात

Exit mobile version