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‘इस्तीफा देने के लिए तैयार रहें गृह मंत्री अमित शाह’, संजय राउत के इस बड़े दावे से सियासी गलियारों में मची हलचल

संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- भविष्य में देना पड़ सकता है इस्तीफा।

संजय राउत

राजनीतिक गलियारों में बयानों का दौर इन दिनों काफी तेज चल रहा है, जहां विपक्षी दलों के नेता लगातार सरकार पर हमलावर नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर एक बहुत बड़ा और तीखा दावा किया है। राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि आने वाले समय में मौजूदा हालात को देखते हुए गृह मंत्री को भी अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब संसद के मानसून सत्र के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों और सियासी बयानों को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त तनातनी देखने को मिल रही है।

धर्मेंद्र प्रधान और नीट के मुद्दे पर निशाना

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए संजय राउत ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हालिया बयानों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। राउत ने कहा कि जनता और छात्रों का गुस्सा अभी पूरी तरह से शांत नहीं हुआ है, इसलिए उन्हें इस विषय पर बयानबाजी करने से बचना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि छात्र आंदोलन और विभिन्न गड़बड़ियों के चलते राजनीतिक और नैतिक जिम्मेदारी को लेकर चर्चाएं तेज रही हैं। राउत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार को देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय करने से बचना चाहिए, क्योंकि युवा वर्ग देश की रीढ़ है और उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

‘लौह पुरुष डरते नहीं हैं’ – संजय राउत का तंज

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से संसद में किसी भी मुद्दे पर खुली चर्चा करने के दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने बेहद तंजिया अंदाज में निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सिर्फ बयानों से काम नहीं चलने वाला है और भविष्य के हालात बेहद अलग होने वाले हैं। गृह मंत्री के खुद को ‘लौह पुरुष’ बताए जाने वाले संदर्भ पर तंज कसते हुए राउत ने कहा कि ऐसे मजबूत व्यक्तित्व वाले नेताओं को डरना नहीं चाहिए। उन्होंने अपनी पार्टी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन पर और उनके साथियों पर कई तरह की कार्रवाई की गई, लेकिन वे कभी नहीं डरे और अब समय आ गया है कि दूसरे पक्षों को भी इन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

जनता से जुड़े सवाल और भविष्य की राजनीतिक हलचल

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत ने यह भी रेखांकित किया कि देश की आम जनता के मन में कई प्रकार के गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब सरकार को देना ही होगा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कामकाज और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर जनता के भीतर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, जिन पर पारदर्शी तरीके से बहस होनी चाहिए। राउत के इस आक्रामक तेवर और भविष्य की चेतावनियों ने एक बार फिर से राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि सत्ता पक्ष इन बयानों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और संसद के पटल पर इन मुद्दों को लेकर किस प्रकार की राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलती हैं।

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