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मालवीय नगर अग्निकांड: मंत्री आशीष सूद ने दोषियों को लेकर दी ऐसी चेतावनी, मच गया हड़कंप!

दिल्ली के मालवीय नगर में भीषण अग्निकांड से हड़कंप। 41 लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से कई की हालत गंभीर है। मामले पर दिल्ली सरकार के मंत्री का बड़ा बयान, जानिए क्या है पूरी सच्चाई।

आशीष सूद

देश की राजधानी दिल्ली का मालवीय नगर इलाका उस समय दहल उठा जब एक इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि वहां मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। चारों तरफ धुएं का गुबार और चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य की टीमें मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम और दिल्ली पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए कुल 41 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस हादसे ने एक बार फिर दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा नियमों की पोल खोलकर रख दी है।

अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे घायल, कई की हालत नाजुक

इस हादसे में बचाए गए सभी 41 लोगों को तुरंत पास के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, उनके यहाँ 13 मरीजों को लाया गया है। इनमें से 3 मरीज ऐसे हैं जो जान बचाने के लिए ऊंचाई से कूद गए थे, जिसके कारण उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। बाकी 10 मरीजों को दिल्ली पुलिस ने समय रहते सुरक्षित बचाकर अस्पताल पहुँचाया। इसके अलावा, अन्य 28 घायलों को इलाज के लिए मैक्स हॉस्पिटल और पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, जहाँ डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।

एक्शन में दिल्ली सरकार, मंत्री ने कहा- थोड़ा सब्र रखिए, किसी को छोड़ेंगे नहीं

घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार तुरंत एक्शन मोड में आ गई है। दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए जनता से थोड़ा सब्र रखने की अपील की है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “इस लापरवाही के पीछे जो भी दोषी होगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” मंत्री ने साफ किया कि प्रशासन पहले से ही शहर की संदेहास्पद और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों की बारीकी से जांच कर रहा है। सरकार इस मामले की तह तक जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।

उठ रहे हैं कई गंभीर सवाल, क्या वाकई बदलेगा सिस्टम?

इस अग्निकांड ने स्थानीय प्रशासन और बिल्डिंग मालिकों की लापरवाही पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यावसायिक और रिहायशी इलाकों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कोई नई बात नहीं है। अब देखना यह होगा कि मंत्री आशीष सूद के इस कड़े बयान के बाद जमीनी स्तर पर क्या कार्रवाई होती है। क्या वाकई अवैध रूप से चल रही इमारतों पर ताला लगेगा, या फिर हर बार की तरह जांच के नाम पर कागजी खानापूर्ति करके मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? फिलहाल, पूरा फोकस घायलों के इलाज और हादसे के असली कारणों का पता लगाने पर है।

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