झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ऑटो चालक को कथित तौर पर सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उसने काम छोड़ने की इच्छा जताई थी। पीड़ित समीर उर्फ सोनू पिछले करीब दस वर्षों से एक ऑटो मालिक की गाड़ी चलाकर अपना परिवार चला रहा था। बताया जा रहा है कि हाल ही में उसने ऑटो चलाने का काम छोड़ने और कहीं दूसरी जगह रोजगार तलाशने की बात कही थी। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो बाद में एक गंभीर घटना में बदल गया। घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच काफी चर्चा है और हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर इतनी छोटी बात पर इतना बड़ा कदम कैसे उठाया गया।
विवाद के बाद हुआ हमला, चालक गंभीर रूप से झुलसा
परिजनों के अनुसार काम छोड़ने की बात सुनकर ऑटो मालिक का बेटा नाराज हो गया। आरोप है कि इसी गुस्से में उसने समीर पर पेट्रोल डाल दिया और आग लगा दी। आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक समीर बुरी तरह झुलस चुका था। गंभीर हालत में उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल उसका इलाज रांची के रिम्स अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और पीड़ित के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
परिवार ने दर्ज कराई शिकायत
घटना के बाद पीड़ित के भाई ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में ऑटो मालिक और उसके बेटे समेत कुछ अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। परिवार का कहना है कि समीर मेहनत-मजदूरी करके अपने घर का खर्च चलाता था और किसी से उसका कोई विवाद नहीं था। इसलिए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग भी पीड़ित परिवार के समर्थन में सामने आए हैं। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की हर पहलू से जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी भी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना ने शहर में सुरक्षा और आपसी विवादों को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी मतभेद का समाधान बातचीत से होना चाहिए, न कि हिंसा से। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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