रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार (27 नवंबर, 2025) को इंडोनेशियाई रक्षा मंत्री सजमसोएद्दीन के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक के दौरान दोनों देशों ने अपनी रक्षा सहयोग की मजबूती और व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में कई गुना बढ़ गया है और अब दोनों देशों के बीच और भी गहरे संबंध स्थापित हो रहे हैं।
इंडोनेशिया भी हो सकता है ग्राहक
बैठक में खास तौर पर भारत के ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर चर्चा हुई। रक्षा मंत्री ने प्रशंसा करते हुए कहा कि इस हाई-टेक मिसाइल ने क्षेत्रीय सुरक्षा और सामरिक संतुलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। फिलीपींस पहले ही ब्रह्मोस मिसाइल की खरीद कर चुका है और अब इंडोनेशिया भी इस मिसाइल को खरीदने में रूचि रख सकता है। इससे भारत की रक्षा निर्यात क्षमता और क्षेत्रीय कूटनीति दोनों को बल मिलेगा।
सुरक्षा को लेकर साझा दृष्टिकोण
बैठक के दौरान दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर साझा दृष्टिकोण भी साझा किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत और इंडोनेशिया का सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्र और स्पष्ट चर्चा के जरिए दोनों देशों ने न केवल रक्षा तकनीक बल्कि रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करने पर ध्यान दिया।
आगे की योजनाएँ और सहयोग
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने भविष्य में और गहरे रक्षा सहयोग के संकेत दिए। इसमें तकनीकी प्रशिक्षण, हथियार प्रणाली साझा करना और सामरिक मिशनों में सहयोग शामिल हो सकता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह सहयोग दोनों देशों के बीच विश्वास और सुरक्षा नेटवर्क को और मजबूत करेगा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा।
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