दुनिया के नक्शे पर इस वक्त बारूद की गंध फैली हुई है। ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी सीधी जंग ने अब पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर ला खड़ा किया है। मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालातों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रात सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) की एक बेहद महत्वपूर्ण इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी शामिल होंगे। सूत्रों की मानें तो भारत अपनी तटस्थता की नीति और खाड़ी देशों में फंसे लाखों भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘प्लान-बी’ पर मुहर लगा सकता है।
ईरान का खौफनाक पलटवार: इजरायल पर बरसीं बैलिस्टिक मिसाइलें
ईरान ने संयम की सीमा लांघते हुए इजरायल पर भीषण बैलिस्टिक मिसाइल हमला कर दिया है। बताया जा रहा है कि इन मिसाइलों का मुख्य निशाना येरूशलम से महज 30 किलोमीटर दूर स्थित बेत शेमेश था। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अचानक हुए हमले में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इजरायल के ‘आयरन डोम’ ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया, लेकिन कुछ मिसाइलें रिहायशी इलाकों में जा गिरीं, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल है। ईरान की इस कार्रवाई ने पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सकते में डाल दिया है।
खामेनेई की मौत का बदला: यूएई पर भी दागीं ताबड़तोड़ मिसाइलें
अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद ईरान का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। ईरान ने न केवल इजरायल, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अपने अन्य पड़ोसी देशों को भी निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। ईरान का आरोप है कि ये देश पश्चिमी ताकतों की मदद कर रहे हैं। यूएई की सीमा पर लगातार मिसाइलें दागी जा रही हैं, हालांकि यूएई के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उनकी उन्नत सुरक्षा प्रणालियों ने लगभग सभी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया है। खाड़ी देशों में बढ़ता यह तनाव भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि इन देशों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी काम करते हैं और भारत की ऊर्जा सुरक्षा भी इन्हीं रास्तों पर टिकी है।
भारत की अगली रणनीति: डोभाल की टीम तैयार, क्या होगा ऑपरेशन रेस्क्यू?
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस CCS मीटिंग का मुख्य एजेंडा भारत की ‘वेट एंड वॉच’ नीति और इमरजेंसी निकासी (Evacuation) हो सकता है। अजीत डोभाल और एस जयशंकर प्रधानमंत्री को इस बात की ब्रीफिंग देंगे कि अगर जंग और फैलती है, तो खाड़ी देशों से भारतीयों को कैसे निकाला जाए। इसके अलावा, तेल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन में आने वाली रुकावटों पर भी चर्चा होगी। भारत के लिए यह संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण है क्योंकि उसके इजरायल और ईरान, दोनों के साथ महत्वपूर्ण रणनीतिक संबंध हैं। पूरी दुनिया की नजरें अब दिल्ली के ‘साउथ ब्लॉक’ से आने वाले आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।
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