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रातों-रात राजौरी में क्या हुआ? बाढ़ के सैलाब ने बहाईं सैकड़ों गाड़ियां, बस स्टैंड तक हुआ गायब

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। सैकड़ों वाहन बह गए, घरों में पानी घुस गया और राहत कार्य जारी है। जानिए ताजा हालात, मौसम विभाग का अलर्ट और मुख्यमंत्री का बयान।

राजौरी

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भारी बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ ने पूरे इलाके में तबाही का मंजर खड़ा कर दिया। देर रात शुरू हुई तेज बारिश के बाद पानी का स्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि कई इलाके कुछ ही घंटों में जलमग्न हो गए। सबसे ज्यादा नुकसान बेला बस स्टैंड और उसके आसपास के निचले क्षेत्रों में हुआ, जहां तेज बहाव ने सब कुछ अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बस स्टैंड पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब गया और वहां की पहचान तक मिट गई। सड़कें नदियों में बदल गईं और कई वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए। इस भयावह दृश्य के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर लोग प्राकृतिक आपदा की गंभीरता का अंदाजा लगा रहे हैं।

सैकड़ों वाहन बहे, घरों में घुसा पानी 

बाढ़ का सबसे बड़ा असर शहर के उन इलाकों में देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में वाहन खड़े थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, करीब 200 से 250 कारें तेज बहाव में बह गईं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। कई घरों में भी पानी घुस गया, जिससे घरेलू सामान, फर्नीचर और जरूरी दस्तावेज तक खराब हो गए। लोगों का कहना है कि कुछ ही मिनटों में पानी इतना बढ़ गया कि सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला। कई परिवारों ने अपनी वर्षों की मेहनत एक ही रात में बर्बाद होते देखी। स्थानीय निवासियों का दावा है कि बादल फटने जैसी स्थिति के बाद यह सैलाब आया और उन्होंने वर्ष 1992 के बाद पहली बार इतनी बड़ी आपदा देखी है। इस बीच एक महिला के लापता होने की भी खबर सामने आई है, जिसकी तलाश जारी है।

 मुख्यमंत्री ने दिया मदद का भरोसा

आपदा के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। जलभराव वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हालात पर लगातार नजर बनाए रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और प्रभावित परिवारों तक हर संभव सहायता पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वह स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के संपर्क में हैं तथा राहत कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

मौसम विभाग का अलर्ट

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। 19 से 23 जुलाई के बीच राजौरी, जम्मू, कठुआ, सांबा, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ समेत कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अधिकारियों ने लोगों से नदियों, नालों और पहाड़ी क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। साथ ही अनावश्यक यात्रा न करने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत टीमें पूरी तरह तैयार हैं। फिलहाल प्रभावित इलाकों में हालात सामान्य करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन मौसम को देखते हुए खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।

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