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1 अरब डॉलर और ‘सबसे खूबसूरत दुल्हन की मांग! आर्मी चीफ के बयान से दुनिया हैरान

युगांडा के आर्मी चीफ मुहूज़ी कैनेरुगाबा ने तुर्किए से 1 अरब डॉलर और शादी के लिए महिला की अजीब मांग की, बयान से बढ़ा कूटनीतिक विवाद।

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब Muhoozi Kainerugaba ने Turkey के सामने एक बेहद चौंकाने वाली मांग रख दी। युगांडा के राष्ट्रपति के बेटे और सेना प्रमुख ने न सिर्फ 1 अरब डॉलर की आर्थिक मदद मांगी, बल्कि यह भी कहा कि उन्हें देश की “सबसे खूबसूरत महिला” से शादी कराई जाए। यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया और कूटनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने इसे गंभीर मुद्दे पर गैर-जिम्मेदाराना बयान बताया, जबकि कुछ इसे राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति मान रहे हैं।

सुरक्षा योगदान का हवाला देकर मांगा ‘मुआवजा’

Muhoozi Kainerugaba ने अपने कई बयानों में दावा किया कि Uganda ने क्षेत्रीय सुरक्षा में बड़ा योगदान दिया है, खासकर Somalia में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में। उन्होंने कहा कि युगांडा पिछले कई वर्षों से अफ्रीकी संघ के मिशनों के तहत सेना तैनात कर रहा है और इस दौरान भारी जिम्मेदारी निभा रहा है। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि Turkey सोमालिया में व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से बड़ा मुनाफा कमा रहा है। उनके मुताबिक, इस स्थिति में युगांडा को “सुरक्षा लाभांश” के तौर पर आर्थिक मुआवजा मिलना चाहिए।

राजनयिक संबंध तोड़ने की चेतावनी, बढ़ा तनाव

बयान यहीं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो अगले 30 दिनों के भीतर तुर्किए के साथ राजनयिक संबंध खत्म किए जा सकते हैं। उन्होंने यहां तक चेतावनी दी कि राजधानी कंपाला में तुर्किए का दूतावास बंद कर दिया जाएगा। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही उन्होंने युगांडा के नागरिकों को तुर्किए की यात्रा को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान कूटनीतिक संबंधों पर असर डाल सकते हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग को कमजोर कर सकते हैं।

विवादित बयानों का सिलसिला और वैश्विक प्रतिक्रिया

यह पहली बार नहीं है जब Muhoozi Kainerugaba अपने बयानों को लेकर चर्चा में आए हैं। उन्होंने हाल ही में Israel के समर्थन में भी बयान दिया था और कहा था कि जरूरत पड़ने पर वह वहां सैनिक भेजने को तैयार हैं। उनके लगातार विवादित बयानों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है कि क्या इस तरह की टिप्पणियां व्यक्तिगत विचार हैं या सरकार की आधिकारिक नीति को दर्शाती हैं। फिलहाल, तुर्किए की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।

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