उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर से जुबानी तीर चलने तेज हो गए हैं। इस बार बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरती बांदा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति का अपमान करना ही अपना मुख्य एजेंडा बना लिया है। उन्होंने बिना लाग-लपेट के आरोप लगाया कि जिन लोगों की प्राथमिकताएं हमेशा से अलग रही हैं, वे आज अयोध्या और चित्रकूट जैसे पवित्र धार्मिक स्थलों के विकास को पचा नहीं पा रहे हैं। सीएम के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है।
करोड़ों की सौगात और विपक्ष पर तीखा प्रहार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को बांदा के एक दिवसीय दौरे पर थे, जहां उन्होंने बुंदेलखंड को विकास की एक बड़ी सौगात दी। इस खास मौके पर उन्होंने करीब 710 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर गदगद हुए सीएम योगी ने विपक्ष को आड़े हाथों लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि जो दल कल तक विकास के नाम पर राजनीति करते थे, वे आज विकास कार्यों का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि यह काम वर्तमान सरकार द्वारा किया जा रहा है।
‘सपा को कब्रिस्तान प्यारा, हम कर रहे सनातन का विकास’
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समाजवादी पार्टी पर सबसे ज्यादा हमलावर नजर आए। उन्होंने सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा को हमेशा से ‘कब्रिस्तान’ ही प्यारा रहा है, यही वजह है कि वे प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या और भगवान कामतानाथ की धरती चित्रकूट के कायाकल्प का विरोध करते हैं। सीएम ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय तुष्टिकरण की राजनीति हावी थी, जिसके कारण प्रदेश के विकास को एक खास दायरे में समेट कर रख दिया गया था। उन्होंने जनता को याद दिलाया कि आज का नया उत्तर प्रदेश बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के लिए काम कर रहा है और हमारी सरकार सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के साथ-साथ आधुनिक विकास को आगे बढ़ा रही है।
9 साल पहले का बुंदेलखंड और आज की बदलती तस्वीर
सीएम योगी ने अपने भाषण में करीब 9 साल पुराने दिनों को याद करते हुए बुंदेलखंड की तत्कालीन बदहाली का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब वे 9 साल पहले पहली बार इस क्षेत्र के दौरे पर आए थे, तब यहां पानी की किल्लत, खराब सड़कें और पिछड़ेपन का बोलबाला था। उस समय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद उनसे कहा था कि बुंदेलखंड के पहले दौरे पर वहां के समग्र विकास के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, ‘हर घर नल योजना’ और डिफेंस कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने इस पूरे क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है।
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