देशभर में नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच सोनम वांगचुक के बाद अब आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी अपना धरना समाप्त कर दिया है। तीन दिनों तक बिना सोए लगातार आंदोलन की अगुवाई करने के बाद, चंद्रशेखर आजाद ने एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। अपने इस बयान में उन्होंने साफ कर दिया कि आंदोलन केवल रुका है, खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने नीट परीक्षा की निष्पक्षता और छात्रों के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधी अपील की और सरकार के सामने 15 दिनों का कड़ा अल्टीमेटम रख दिया है।
पीएम के आश्वासन पर पलटवार, केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात फेसबुक लाइव के माध्यम से नीट परीक्षा पर बयान देते हुए देश के छात्रों और अभिभावकों को आश्वासन दिया कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़े कानून बनाए जाएंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जन आंदोलन की ताकत के कारण ही आज पीएम को खुद आकर अपनी बात रखनी पड़ी है। चंद्रशेखर ने सवाल उठाया कि कानून बनाने से सरकार को किसने रोका है, लेकिन असली मुद्दा कानून के सख्ती से पालन का है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि नए नियम और कानून तो बाद की बात हैं, सबसे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा होना चाहिए।
पुलिस की लाठीचार्ज पर फूटा गुस्सा, 15 दिन में कार्रवाई की चेतावनी
चंद्रशेखर आजाद ने प्रदर्शनकारी छात्रों और खासतौर पर छात्राओं पर हुए पुलिसिया बल प्रयोग पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग कर रहे निहत्थे बच्चों और बेटियों पर लाठियां चलाने वाले पुलिसकर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री जी, चाहे आप प्यार से मानिए, नाराज होकर मानिए या देश के मौजूदा हालातों को देखकर मानिए, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई अनिवार्य है।” उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर ये मांगें पूरी नहीं की गईं, तो यह विरोध प्रदर्शन रुकने वाला नहीं है, बल्कि देश के कोने-कोने तक और तेजी से फैलेगा।
25 तारीख को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का आह्वान, जारी रहेगा संघर्ष
धरना समाप्त करते हुए नगीना सांसद ने देश भर के युवाओं और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं का धन्यवाद जताया। उन्होंने कहा कि यह छात्रों के संघर्ष का ही नतीजा है कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति को इस विषय पर बोलना पड़ा। चंद्रशेखर आजाद ने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए आगामी 25 तारीख को सभी जिला मुख्यालयों और कार्यालयों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। उन्होंने दोहराया कि देश के नौजवानों और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को किसी भी हालत में बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 15 दिन की इस समय सीमा के बाद सरकार क्या कदम उठाती है।
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