राजस्थान की राजधानी जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर रविवार को उस समय हंगामा मच गया, जब RTO (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) की कार्रवाई से नाराज एक निजी बस मालिक ने खुद पर डीजल डाल लिया। वह आग लगाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों, अधिकारियों और लोगों ने समय रहते उसे रोक लिया। इससे बड़ा हादसा होने से बच गया। घटना के बाद बस स्टैंड पर कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए।
जुर्माने को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, परिवहन विभाग की टीम बस स्टैंड पर नियम तोड़ने वाली बसों के खिलाफ जांच कर रही थी। इसी दौरान एक निजी बस पर कार्रवाई की गई। बस मालिक हाकिम सिंह का कहना था कि वह जुर्माना भरने के लिए तैयार था, लेकिन अधिकारियों ने उसकी बात नहीं सुनी। इससे नाराज होकर उसने अपने ऊपर डीजल डाल लिया और आग लगाने की कोशिश की। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और डीजल का डिब्बा छीन लिया। उनकी समझदारी से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
RTO ने क्या कहा?
RTO अधिकारियों का कहना है कि नियम तोड़ने वाली बसों के खिलाफ अभियान आगे भी चलता रहेगा। विभाग के अनुसार, सभी कार्रवाई कानून के अनुसार की जा रही है। वहीं, घटना के बाद पुलिस ने बस मालिक को शांत कराया और पूरे मामले की जानकारी ली। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की शिकायत का समाधान कानूनी तरीके से किया जाना चाहिए।
लोगों की सतर्कता से बची जान
अगर मौके पर मौजूद लोग और पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि गुस्से में लिया गया फैसला कितना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद में कानून का सहारा लें और ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे अपनी या दूसरों की जान खतरे में पड़ जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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