Home देश अचानक बीच रास्ते बदला LPG टैंकर का रूट, गैस सप्लाई को लेकर...

अचानक बीच रास्ते बदला LPG टैंकर का रूट, गैस सप्लाई को लेकर सरकार ने लिया फैसला! जानें क्यों?

भारत में एलपीजी सप्लाई तेज करने के लिए सरकार ने टैंकर का रूट बदला। वाइजैग पोर्ट पर उतरेगा गैस, जानें क्या है पूरा प्लान।

LPG टैंकर

देश में LPG गैस की सप्लाई को तेज और सुचारु बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 47 हजार मीट्रिक टन रसोई गैस लेकर आ रहे एक विशाल टैंकर का रूट बदल दिया गया है, जिससे गैस की डिलीवरी में तेजी लाई जा सके। यह टैंकर मूल रूप से न्यू मंगलौर और फिर ओडिशा के धामरा पोर्ट पहुंचने वाला था, लेकिन अब इसे सीधे विशाखापत्तनम (वाइजैग) पोर्ट की ओर मोड़ दिया गया है। इस फैसले का मकसद समय की बचत करना और देश के विभिन्न हिस्सों में गैस की आपूर्ति को जल्द से जल्द सुनिश्चित करना है।

वाइजैग पोर्ट पर उतरेगा एलपीजी, तेजी से होगी सप्लाई

वाइजैग पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, यह 227 मीटर लंबा रेफ्रिजरेटेड एलपीजी टैंकर गुरुवार तक पोर्ट पर पहुंच जाएगा। पूर्वी तट के इस रूट से गैस उतारने की प्रक्रिया तेज होगी और देश के कई हिस्सों में इसकी आपूर्ति समय पर हो सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि धामरा तक जाने की तुलना में विशाखापत्तनम में टैंकर खाली करना ज्यादा सुविधाजनक और तेज विकल्प है। यहां से गैस को सड़क मार्ग के जरिए अलग-अलग राज्यों में पहुंचाया जाएगा, जिससे सप्लाई चेन में आने वाली देरी को कम किया जा सकेगा।

अंतरराष्ट्रीय हालात का असर, इसलिए बदला प्लान

जानकारी के मुताबिक, यह टैंकर फारस की खाड़ी से रवाना हुआ था और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होकर भारत पहुंचा है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालातों के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसी वजह से सरकार अब एलपीजी टैंकरों को प्राथमिकता दे रही है और उनके रूट में बदलाव कर रही है। पहले भी एक अन्य टैंकर ‘जग वसंत’ गुजरात के वडीनार पोर्ट पहुंच चुका है, जबकि यह टैंकर दक्षिणी रास्ते से घूमकर बंगाल की खाड़ी तक आया है। लंबी दूरी और समय को देखते हुए इसे वाइजैग में ही उतारने का फैसला लिया गया।

पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर भी जोर

एलपीजी सप्लाई में संभावित बाधाओं को देखते हुए सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों को भी तेजी से बढ़ा रही है। मार्च महीने में 3.1 लाख से ज्यादा कनेक्शनों में गैस की सप्लाई शुरू की गई, जबकि 2.7 लाख नए कनेक्शन जोड़े गए। सरकार ने इस अभियान को जून तक बढ़ाने का फैसला किया है और शहरी गैस वितरण कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रावास, कैंटीन और सामुदायिक रसोई जैसे स्थानों को प्राथमिकता दें। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।

Read More-Viral Video: कुछ मिनट की देरी और छूट गई वंदे भारत! प्लेटफॉर्म पर रोती रह गई महिला, फिर…

 

Exit mobile version