बांकुड़ा: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में एक कथित हमले में पिता को खोने वाले CJP वॉलंटियर अब्दुल हफीज से बातचीत के दौरान CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके भावुक हो गए। सोमवार को CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और संगठन के अन्य सदस्य अब्दुल के घर पहुंचे थे। इसी दौरान वीडियो कॉल के जरिए अभिजीत दीपके ने अब्दुल से बात की। बातचीत के दौरान दीपके ने अब्दुल को भरोसा दिलाया कि वह और उनका परिवार इस मुश्किल समय में अकेला नहीं है। इस मामले में पुलिस ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, बीजेपी ने इस घटना से किसी भी तरह के संगठनात्मक संबंध से इनकार किया है।
वीडियो कॉल पर अब्दुल से बोले- अब तुम हमारी जिम्मेदारी हो
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बातचीत का वीडियो साझा करते हुए अब्दुल के साथ खड़े रहने की बात कही। वीडियो कॉल के दौरान उन्होंने अब्दुल से कहा कि अब वह उनकी जिम्मेदारी हैं। बातचीत के दौरान दीपके की आंखों में आंसू आ गए और वह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि इस समय अब्दुल को सांत्वना देने या उनका हौसला बढ़ाने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं। दीपके के मुताबिक, अब्दुल से बात करते समय वह खुद भावुक हो गए, लेकिन अब्दुल ने उन्हें ही हिम्मत दी और टूटने से मना किया। इस बातचीत में अब्दुल ने अपने पिता के जाने के बावजूद स्कूल को बेहतर बनाने के संकल्प की बात कही।
पिता को खोने के बाद भी स्कूल सुधारने की बात
दीपके ने अब्दुल के हौसले की तारीफ करते हुए कहा कि पिता को खोने के बाद भी वह अपने इलाके के बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनके अनुसार, अब्दुल का कहना है कि उनके पिता भले ही अब उनके बीच नहीं हैं, लेकिन वह स्कूल को बेहतर बनाने का काम जारी रखेंगे। अभिजीत दीपके ने कहा कि यह सोच अब्दुल के पिता से मिले संस्कार और मूल्यों को दिखाती है। उन्होंने अब्दुल के साहस की सराहना करते हुए कहा कि इतनी बड़ी व्यक्तिगत क्षति के बावजूद दूसरे बच्चों के भविष्य के लिए काम करने का उनका संकल्प महत्वपूर्ण है। दीपके ने यह भी कहा कि देश को ऐसे बेटे पर गर्व होना चाहिए।
पिता की मौत को लेकर लगाए गए आरोप, बीजेपी ने किया इनकार
इस मामले को लेकर अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि अब्दुल के पिता की मौत हमले में हुई और इसके पीछे बीजेपी के सदस्य जिम्मेदार थे। हालांकि, ये आरोप अभी आरोप के स्तर पर हैं और मामले की जांच के आधार पर ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। बीजेपी ने हमले से किसी भी तरह के संगठनात्मक संबंध से इनकार किया है। पुलिस की ओर से मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है। ऐसे में पुलिस की जांच और सामने आने वाले सबूत यह तय करने में अहम होंगे कि हमले की वजह क्या थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
अब्दुल को दिया साथ का भरोसा
अभिजीत दीपके ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि वह अब्दुल और उनके परिवार के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि इस मुश्किल समय में अब्दुल खुद को अकेला न समझें। उन्होंने अब्दुल के साहस को उनके पिता से मिले संस्कारों से जोड़ते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी वह अपने इलाके के स्कूलों और बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। इस पूरी बातचीत में अब्दुल का अपने पिता को खोने का दर्द और भविष्य को बेहतर बनाने का संकल्प दोनों दिखाई दिए। फिलहाल मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है और जांच के आगे बढ़ने के साथ घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।
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