लखनऊ: उत्तर प्रदेश एटीएस ने बिहार के पूर्णिया निवासी 24 वर्षीय मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। एटीएस के मुताबिक, जफर पर मदरसे के नाम पर चंदा जुटाकर पाकिस्तान भेजने और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों के संपर्क में रहने का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि जफर आतंकी गतिविधियों से जुड़े कंटेंट से प्रभावित था और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को हिंसा की ओर बढ़ाने की कोशिश करता था। एटीएस ने उसे 16 अगस्त को गिरफ्तार किया था। मामले में आगे की जांच जारी है।
पूर्णिया का रहने वाला है आरोपी
एटीएस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मोहम्मद जफर बिहार के पूर्णिया जिले के रौटा थाना क्षेत्र के मीरगंज का रहने वाला है। उसके पिता का नाम जहीर बताया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि जफर ने मदरसे के नाम पर लोगों से चंदा जुटाया और इस पैसे को पाकिस्तान भेजने का काम किया। एटीएस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी के संपर्क किन लोगों से थे और कथित तौर पर भेजे गए पैसों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
मसूद अजहर के भाषणों से प्रभावित होने का दावा
यूपी एटीएस के मुताबिक, जफर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के भाषणों से प्रभावित था। एजेंसी का यह भी आरोप है कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से हिंसक विचारों को बढ़ावा देने की कोशिश करता था। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। एटीएस आरोपी से पूछताछ कर उसके कथित नेटवर्क और गतिविधियों से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
बंगाल में भी ISI कनेक्शन के शक में गिरफ्तारी
इसी बीच पश्चिम बंगाल में भी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से कथित संबंध के शक में एक युवक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, दिनहाटा-2 इलाके के नाजिरहाट-2 के दिघलातरी क्षेत्र से 35 वर्षीय मिठू रहमान को पकड़ा गया। उस पर भारतीय सिम कार्ड का इस्तेमाल कर पाकिस्तान तक संवेदनशील जानकारी पहुंचाने का आरोप है। इससे पहले STF ने साहेबगंज और नयारहाट से लगे सीमा क्षेत्रों में कार्रवाई कर रशीदुल हक, नसीरुद्दीन और सैफुल नाम के तीन युवकों को भी हिरासत में लिया था।
नकली नोट और जासूसी के आरोपों की भी जांच
मिठू रहमान के मामले में जांच एजेंसियां कथित जासूसी के साथ नकली नोटों की तस्करी से जुड़े आरोपों की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई और पूछताछ के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके डिजिटल उपकरणों की भी जांच की जा रही है। उसे अदालत में पेश किया गया है। फिलहाल दोनों मामलों में जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्क, वित्तीय लेनदेन और कथित नेटवर्क से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही हैं।
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