UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर दिए गए बयान पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी नेता और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की चुनौती पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के बारे में बोलने से पहले चंद्रशेखर को अपनी क्षमता साबित करनी चाहिए। इसके साथ ही अखिलेश यादव और राहुल गांधी को सनातन विरोधी बताने वाले पोस्टर पर भी अपर्णा ने अपनी बात रखी। उनके बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
चंद्रशेखर आजाद की चुनौती पर अपर्णा यादव का जवाब
अपर्णा यादव अमेठी पहुंची थीं, जहां उन्होंने रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे चंद्रशेखर आजाद की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बिजनौर से चुनाव लड़ने की चुनौती देने के बारे में सवाल किया। जवाब में अपर्णा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के बारे में टिप्पणी करने से पहले चंद्रशेखर को उतनी क्षमता हासिल करनी चाहिए। उन्होंने इस तरह की भाषा को अनुचित बताया। अपर्णा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ संवैधानिक रूप से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और चुनाव कहां से लड़ना है, इसका फैसला उनकी पार्टी करेगी। उन्होंने बीजेपी को राष्ट्रवादी पार्टी बताते हुए स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के चुनाव लड़ने की जगह तय करना पार्टी का अधिकार है। इस बयान के जरिए अपर्णा ने चंद्रशेखर आजाद की टिप्पणी पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
अखिलेश यादव और राहुल गांधी के पोस्टर पर क्या बोलीं अपर्णा?
लखनऊ में विजयदशमी के दौरान कुछ पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तस्वीरों के साथ उन्हें सनातन विरोधी बताया गया था। इस मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर अपर्णा यादव ने कहा कि राजनीति में सभ्य तरीके से काम किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कौन सनातन के पक्ष में है और कौन विरोध में, यह जनता जानती है। हालांकि, उन्होंने पोस्टर को लेकर किसी विस्तृत राजनीतिक बहस में जाने से परहेज किया। उनके बयान से यह साफ हुआ कि वह राजनीतिक चर्चा में भाषा और व्यवहार की मर्यादा बनाए रखने पर जोर दे रही हैं, जबकि सनातन से जुड़े आरोपों पर उन्होंने जनता की समझ का हवाला दिया।
अखिलेश यादव पर सवाल सुनते ही अपर्णा ने बदला रुख
कार्यक्रम के दौरान जब पत्रकारों ने अयोध्या में अखिलेश यादव के बयान को लेकर सवाल पूछना चाहा, तो अपर्णा यादव ने इस पर जवाब देने से बचने की कोशिश की। उन्होंने पत्रकार से कहा कि क्या वह अखिलेश यादव के अलावा किसी दूसरे विषय पर भी सवाल पूछ सकते हैं। इसके बाद बातचीत का रुख बदल गया। अपर्णा की इस प्रतिक्रिया ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को और बढ़ा दिया है। एक तरफ उन्होंने चंद्रशेखर आजाद की चुनौती पर खुलकर जवाब दिया, तो दूसरी तरफ अखिलेश यादव से जुड़े सवाल पर ज्यादा टिप्पणी नहीं की। फिलहाल, उनके बयान को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। यह मामला उत्तर प्रदेश में नेताओं के बीच जारी बयानबाजी की एक और कड़ी बन गया है।
