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राष्ट्रपति भवन मार्च से पहले कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच हुई नोकझोंक, हिरासत में कई नेता

दिल्ली के जंतर-मंतर पर मध्य प्रदेश कांग्रेस का प्रदर्शन, कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। जीतू पटवारी की पुलिस से बहस हुई और राष्ट्रपति से मुलाकात न मिलने पर भी कांग्रेस ने नाराजगी जताई।

कांग्रेस

मध्य प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और विधायक शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राज्यसभा चुनाव से जुड़े एक मामले में उनकी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया गया, जिसके खिलाफ वे आवाज उठा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने ‘सत्याग्रह’ शुरू किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हुए। नेताओं ने इसे लोकतंत्र से जुड़ा मुद्दा बताते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

राष्ट्रपति भवन तक मार्च की तैयारी

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने की कोशिश की। हालांकि दिल्ली पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेड लगाए गए थे और सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तय क्षेत्र के भीतर रहने को कहा। इस दौरान कुछ नेताओं और पुलिस के बीच बहस भी हुई। हालात को देखते हुए पुलिस ने कई नेताओं और विधायकों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।

जीतू पटवारी और पुलिस के बीच हुई बहस

प्रदर्शन के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बताया गया कि जब पुलिस उन्हें हिरासत में लेने पहुंची तो उन्होंने इसका विरोध किया। कुछ देर तक दोनों पक्षों के बीच बहस चलती रही। बाद में पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई और बस में बैठाकर हिरासत में लिया गया। इस घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

राष्ट्रपति से मिलने का समय नहीं मिला

कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति Droupadi Murmu से मिलने के लिए समय भी मांगा था। पार्टी का कहना है कि वे इस पूरे मामले पर अपना पक्ष राष्ट्रपति के सामने रखना चाहते थे। लेकिन मुलाकात का समय नहीं मिलने पर नेताओं ने नाराजगी जताई। विपक्ष के नेता Umang Singhar ने कहा कि उनकी मांग सिर्फ अपनी बात रखने की थी। फिलहाल कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखने की बात कह रही है। वहीं पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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