UP: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दिल्ली में ‘Gen-Z’ आंदोलन की चर्चा के बीच अब फतेहपुर के स्कूली बच्चों का प्रदर्शन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। किशनपुर कस्बे के सर्वोदय इंटर कॉलेज के सैकड़ों छात्र-छात्राएं स्कूल में खराब व्यवस्थाओं के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। बच्चों के हाथों में पोस्टर और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें थीं। उनका कहना था कि लंबे समय से स्कूल में साफ-सफाई, पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तब छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया। देखते ही देखते यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
तीन दिन का अल्टीमेटम, लेकिन चार घंटे में ही प्रशासन हुआ सक्रिय
प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगों को खुलकर सामने रखा। बच्चों का कहना था कि कई कक्षाओं में पंखे नहीं हैं, टूटे हुए बेंच-डेस्क पर पढ़ाई करनी पड़ती है और साफ पेयजल की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा स्कूल के शौचालयों की हालत भी काफी खराब बताई गई। छात्रों ने चेतावनी दी थी कि यदि तीन दिन के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो वे बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का घेराव करेंगे। हालांकि मामला बढ़ने से पहले ही प्रशासन हरकत में आ गया। प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही शिक्षा विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया और स्कूल में जरूरी सुधार करने का भरोसा दिया। लोगों ने इस घटना को ‘Gen-Alpha’ की जागरूकता का उदाहरण बताते हुए इसकी खूब चर्चा की।
चंद्रशेखर आजाद ने बच्चों की तारीफ की, सरकार पर भी साधा निशाना
इस पूरे मामले पर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए छात्रों की जागरूकता की सराहना की और कहा कि बच्चे शिक्षा के साथ-साथ सम्मानजनक मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के अनुसार स्कूल में लंबे समय से साफ-सफाई, पीने के पानी, फर्नीचर और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाओं की कमी है, लेकिन कई शिकायतों के बाद भी सुधार नहीं हुआ। सांसद ने इस घटना को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार पर सवाल भी उठाए। उनके पोस्ट के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया और सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
24 घंटे में सुधार का दावा, अब स्कूल की व्यवस्थाओं पर रहेगी नजर
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राकेश कुमार ने तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, 24 घंटे के भीतर हर कक्षा में चार-चार पंखे लगाए जाएंगे, पीने के पानी के लिए आरओ सिस्टम की व्यवस्था होगी और बिजली तथा फर्नीचर से जुड़ी कमियों को भी दूर किया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद फिलहाल छात्रों का आंदोलन शांत हो गया है। हालांकि अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि तय समय के भीतर स्कूल में किए गए वादे कितने पूरे होते हैं। इस घटना ने यह भी दिखाया कि यदि छात्र अपनी समस्याओं को शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से उठाएं, तो प्रशासन तक उनकी आवाज तेजी से पहुंच सकती है।
Read more-गौरव तो चला गया, लेकिन उसका दिल अब किसी और के सीने में धड़केगा, जाते-जाते दे गया कई जिंदगियां
