ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स पर दिखाई जाने वाली सस्पेंस और थ्रिलर वेब सीरीज का मकसद मनोरंजन करना होता है, लेकिन जब कोई शातिर दिमाग इसे अपराध की ‘ट्रेनिंग गाइड’ बना ले, तो परिणाम बेहद भयानक होते हैं। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शाहपुर तालुका में एक ऐसा ही रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक प्रेमी ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका के पति को रास्ते से हटाने के लिए ऐसी साजिश रची, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरत में पड़ गई। आरोपी ने हत्या को अंजाम देने, घटनास्थल से सबूत मिटाने और पुलिस की पकड़ से बचने के सारे हथकंडे किसी प्रोफेशनल अपराधी की तरह नहीं, बल्कि दिन-रात क्राइम सीरीज देखकर सीखे थे। हालांकि, कानून के लंबे हाथों से वह ज्यादा समय तक बच नहीं सका और ठाणे ग्रामीण पुलिस ने उसकी इस तथाकथित ‘परफेक्ट मर्डर’ की थ्योरी को ध्वस्त करते हुए उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
खेत में मिला 52 वर्षीय वामन का शव, शुरू हुआ उलझा हुआ रहस्य
घटना की शुरुआत शाहपुर तालुका के खरपत नंबर-1 गांव से होती है। गांव के 52 वर्षीय वामन निरगुडा रोजाना की तरह अपने खेत में काम करने गए थे। लेकिन किसे पता था कि उस शांत दोपहर में मौत उनका इंतजार कर रही थी। झाड़ियों के बीच घात लगाकर बैठे हमलावर ने उन पर बेहद बेरहमी से जानलेवा हमला कर दिया। हमला इतना अचानक और घातक था कि वामन को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जब शाम तक वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खेत में वामन का खून से लथपथ शव देखकर पूरे गांव में हड़कंप मच गया। शुरुआत में यह एक अंधा कत्ल लग रहा था, जिसमें न कोई चश्मदीद था और न ही कोई प्रत्यक्ष सबूत।
प्रेम संबंध का अड़ंगा और ओटीटी सीरीज से मिली खौफनाक प्रेरणा
ठाणे ग्रामीण पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच दल का गठन किया। जब पुलिस ने वामन के पारिवारिक पृष्ठभूमि और व्यक्तिगत रिश्तों की पड़ताल शुरू की, तो जांच का रुख पूरी तरह बदल गया। पुलिस के हत्थे चढ़े सुरागों ने 35 वर्षीय धनेश मेंगाल की ओर इशारा किया। गहन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के बल पर जब धनेश को हिरासत में लिया गया, तो जो सच सामने आया उसने सबको चौंका दिया। धनेश के मृतक वामन की पत्नी के साथ अवैध प्रेम संबंध थे। दोनों के इस रिश्ते के बीच वामन सबसे बड़ा रोड़ा बन रहा था। इसी रास्ते को साफ करने के लिए धनेश ने हत्या की योजना बनाई। उसने लगातार कई दिनों तक मोबाइल और ओटीटी पर क्राइम सीरीज़ देखीं। उसने बारीकी से समझा कि पुलिस फॉरेंसिक जांच कैसे करती है, फिंगरप्रिंट्स कैसे छिपाए जाते हैं और लोकेशन को कैसे गुमराह किया जाता है।
फॉरेंसिक और तकनीकी दांव-पेंच के आगे फेल हुआ आरोपी का ‘मास्टरप्लान’
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी धनेश को पूरा यकीन था कि उसने कोई ऐसा सुराग नहीं छोड़ा है जिससे पुलिस उस तक पहुंच सके। वह बड़े आराम से फरार हो चुका था और खुद को महफूज़ समझ रहा था। लेकिन ठाणे ग्रामीण पुलिस ने वैज्ञानिक जांच, सर्विलांस सिस्टम और गांव के गुप्त मुखबिरों के नेटवर्क का इस्तेमाल कर उसकी पूरी प्लानिंग पर पानी फेर दिया। मोबाइल टावर लोकेशन, घटनास्थल के सूक्ष्म फॉरेंसिक विश्लेषण और बयानों में विरोधाभास के आधार पर पुलिस ने धनेश की घेराबंदी की और उसे धर दबोचा। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि क्या इस पूरी साजिश में किसी और व्यक्ति या परिजनों का भी हाथ था।
