Home मनोरंजन चार महीने बाद भी नहीं थमा दर्द… क्या सच में चले गए...

चार महीने बाद भी नहीं थमा दर्द… क्या सच में चले गए धर्मेंद्र? हेमा मालिनी की आंखों में आज भी वही सवाल

हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता Dharmendra को 79वें ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड्स में ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में श्रद्धांजलि दी गई। यह पल भारतीय सिनेमा के लिए गर्व और भावुकता दोनों से भरा था। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन्हें याद किया जाना यह दर्शाता है कि उनकी लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं थी, बल्कि दुनिया के कई देशों में उनके प्रशंसक मौजूद थे।

इस मौके पर उनकी पत्नी और अभिनेत्री Hema Malini ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र ऐसे कलाकार थे जिनकी पहचान सीमाओं से परे थी। विदेश यात्राओं के दौरान जब भी वे साथ जाते थे, वहां भी लोग उन्हें पहचान लेते थे और घेर लेते थे। हेमा ने बताया कि कई बार उन्हें समझ ही नहीं आता था कि इतनी दूर देश में भी लोग उन्हें इतना प्यार कैसे दे रहे हैं। उनके मुताबिक, यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक वैश्विक व्यक्तित्व बन चुके थे।

‘क्या वे सच में चले गए?’ – हेमा का हर पल का दर्द

धर्मेंद्र के निधन को करीब चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन हेमा मालिनी आज भी इस सच्चाई को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने बेहद भावुक अंदाज़ में कहा कि उन्हें हर एक मिनट उनकी याद आती है। कई बार वे खुद से सवाल करती हैं कि क्या वह सच में इस दुनिया से जा चुके हैं। यह सवाल उनके दिल में अब भी गूंजता रहता है।

हेमा ने बताया कि दोनों ने अपने करियर के दौरान कई फिल्मों में साथ काम किया। शूटिंग के दौरान ही उन्हें एक-दूसरे के साथ समय बिताने का सबसे ज्यादा मौका मिलता था। यही वजह थी कि वे जानबूझकर साथ में फिल्में साइन करते थे, ताकि व्यस्त जीवन के बीच कुछ पल साथ बिता सकें। आज जब वे उन दिनों को याद करती हैं तो आंखें नम हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि जिंदगी की भागदौड़ में शायद उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन ऐसा आएगा जब उन्हें अकेले ही उन यादों के सहारे जीना होगा।

‘चुपके चुपके’ से ‘शोले’ तक – यादों में बस गईं फिल्में

हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की अपनी पसंदीदा फिल्मों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि Chupke Chupke उन्हें बेहद पसंद है। उनके मुताबिक यह फिल्म हल्के-फुल्के अंदाज में रिश्तों और हास्य का शानदार मेल थी, जिसे आज भी लोग बड़े चाव से देखते हैं।

इसके अलावा Sholay का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि उस फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने बहुत अच्छा समय बिताया था। धर्मेंद्र का वीरू वाला किरदार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। हेमा ने स्वीकार किया कि उन्होंने उनकी सभी फिल्में नहीं देखी हैं, लेकिन अब वह समय निकालकर एक-एक फिल्म देखने का मन बना चुकी हैं। उनके लिए यह सिर्फ फिल्में नहीं, बल्कि बीते हुए पलों की यादें हैं, जिन्हें दोबारा महसूस करने की एक कोशिश होगी।

लंबी बीमारी के बाद विदाई, लेकिन यादें अमर

धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की उम्र में हुआ था। लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं और सांस लेने में तकलीफ के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद वे अपने मुंबई स्थित घर लौटे, लेकिन कुछ ही समय बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके जाने की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और करोड़ों फैंस को गहरा झटका लगा था।

करीब छह दशकों के करियर में धर्मेंद्र ने एक्शन, रोमांस और भावनात्मक किरदारों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। “ही-मैन” के नाम से मशहूर इस अभिनेता ने कई यादगार फिल्में दीं, जिन्होंने उन्हें सिनेमा का सुपरस्टार बना दिया। आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में, उनके संवाद और उनकी मुस्कान हमेशा जिंदा रहेंगे। हेमा मालिनी के लिए यह नुकसान सिर्फ एक महान अभिनेता का नहीं, बल्कि जीवनसाथी का है। शायद यही वजह है कि चार महीने बाद भी उनके दिल में वही सवाल गूंजता है – क्या वह सच में चले गए?

Read More-‘धमाल 4’ से बाहर क्यों हुए अनिल कपूर? ट्रेलर लॉन्च पर अजय देवगन का नाम लेकर कही ऐसी बात कि सब रह गए हैरान

Exit mobile version