चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन इसके साथ ही कोर्ट ने उन्हें सख्त चेतावनी भी दी है। हालिया सुनवाई में अदालत ने साफ कहा कि चूंकि अब तक एक बड़ी रकम जमा कर दी गई है, इसलिए फिलहाल उन्हें दोबारा जेल नहीं भेजा जाएगा। हालांकि कोर्ट का रुख पूरी तरह नरम नहीं दिखा और अगली सुनवाई 30 मार्च तय करते हुए स्पष्ट कर दिया गया कि अब मामले को लंबित नहीं रखा जाएगा।
कितनी रकम दी, क्या कहा वकील ने
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को अब तक लगभग 4.25 करोड़ रुपये चुका दिए हैं। इसके अलावा 25 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी पेश किया गया। वकील ने यह भी कहा कि नियमित जमानत की याचिका दाखिल कर दी गई है और अंतरिम जमानत खत्म होने से पहले राहत की जरूरत थी। इस पर कोर्ट ने रकम के भुगतान को ध्यान में रखते हुए उन्हें अस्थायी राहत दी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि पूरा हिसाब साफ होना जरूरी है।
कोर्ट की फटकार और तीखे सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने अभिनेता से सीधे सवाल किया कि क्या उन्होंने लोन लिया था। इस पर राजपाल यादव ने स्वीकार किया कि उन्होंने कर्ज लिया था। इसके बाद कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई मौके दिए जाने के बावजूद समय पर भुगतान नहीं किया गया। जज ने सख्त लहजे में पूछा, “पैसा देना है कि नहीं?” इस पर अभिनेता ने जवाब दिया कि वे काफी रकम चुका चुके हैं और बाकी विवाद दूसरी पार्टी के रवैये के कारण बढ़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि फिल्म प्रोजेक्ट में भारी नुकसान हुआ, जिससे आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई।
अब 30 मार्च पर होगा फैसला
कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि यह आखिरी मौका है—या तो पूरा भुगतान कर मामला खत्म करें या फिर कानूनी बहस के लिए तैयार रहें। अदालत ने यह भी कहा कि अगली सुनवाई में देरी नहीं होगी और केस का निपटारा करने की दिशा में ठोस फैसला लिया जाएगा। अब 30 मार्च की तारीख बेहद अहम मानी जा रही है, जहां यह तय होगा कि मामला समझौते से खत्म होता है या कानूनी लड़ाई आगे बढ़ती है।
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