पॉपुलर यूट्यूबर Dhruv Rathee एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं। इस बार मामला प्रधानमंत्री Narendra Modi पर किए गए एक ट्वीट से जुड़ा है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है। ध्रुव राठी ने हाल ही में पीएम मोदी का एक वीडियो शेयर करते हुए उन पर टिप्पणी की थी। इसके बाद इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने उनके बयान को अपमानजनक बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी का हिस्सा कहा। हालांकि मामला तब और ज्यादा चर्चा में आ गया जब बॉलीवुड अभिनेत्री Gul Panag ने भी इस पूरे विवाद पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। गुल पनाग ने ध्रुव राठी के ट्वीट को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में सरकार की आलोचना करना अलग बात है, लेकिन देश के प्रधानमंत्री का विदेशी धरती पर मजाक उड़ाना सही तरीका नहीं माना जा सकता।
गुल पनाग ने कहा- लोकतंत्र में असहमति जरूरी, लेकिन सम्मान भी जरूरी
गुल पनाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ध्रुव राठी की पोस्ट को रीट्वीट करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि किसी को प्रधानमंत्री पसंद हो या न हो, यह लोकतंत्र का हिस्सा है। सरकार की नीतियों का विरोध किया जा सकता है, बहस की जा सकती है और अलग विचार रखना भी पूरी तरह सामान्य है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पद की गरिमा बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी होनी चाहिए। गुल पनाग ने अपनी पोस्ट में कहा कि विदेशी जमीन पर भारत के प्रधानमंत्री को मजाक का विषय बनाना देश की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। उनके मुताबिक, इससे सिर्फ किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे देश और उसके नागरिकों की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। अभिनेत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई। कई लोगों ने गुल पनाग की बात का समर्थन किया, जबकि कुछ यूजर्स ने ध्रुव राठी के पक्ष में भी अपनी राय रखी।
नॉर्वे के वीडियो को लेकर शुरू हुआ पूरा विवाद
दरअसल, हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नॉर्वे दौरे से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में एक पत्रकार प्रधानमंत्री से सवाल पूछता नजर आता है, लेकिन पीएम मोदी बिना जवाब दिए आगे बढ़ जाते हैं। इसी वीडियो को शेयर करते हुए ध्रुव राठी ने एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली और प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी ने कभी खुलकर प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की और जवाबदेही से जुड़े जरूरी सवालों का सामना नहीं किया। हालांकि उनके ट्वीट में इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आलोचकों का कहना था कि राजनीतिक असहमति जताने का तरीका सम्मानजनक होना चाहिए। वहीं ध्रुव राठी के समर्थकों का मानना है कि लोकतंत्र में नेताओं से सवाल पूछना और उनकी आलोचना करना नागरिकों का अधिकार है। इसी मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस चल रही है।
सोशल मीडिया पर बंटी राय, राजनीतिक बहस हुई तेज
ध्रुव राठी और गुल पनाग के बीच इस अप्रत्यक्ष टकराव ने सोशल मीडिया पर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। कुछ लोगों का कहना है कि सार्वजनिक पद पर बैठे नेताओं की आलोचना लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और किसी भी नागरिक को अपनी राय रखने का अधिकार है। वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग मानते हैं कि आलोचना और अपमान के बीच एक सीमा होनी चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, सोशल मीडिया के दौर में नेताओं, पत्रकारों और इंफ्लुएंसर्स के बयान तेजी से वायरल होते हैं और छोटी बातें भी बड़े विवाद में बदल जाती हैं। इस मामले में भी यही देखने को मिला, जहां एक ट्वीट ने इंटरनेट पर बड़ी बहस शुरू कर दी। फिलहाल ध्रुव राठी की पोस्ट और गुल पनाग की प्रतिक्रिया दोनों ही सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा राजनीतिक रंग ले सकता है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े मामलों पर सोशल मीडिया अक्सर दो धड़ों में बंटा नजर आता है।
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