‘मिर्जापुर द मूवी’ के क्लाइमेक्स में इस्तेमाल किए गए ‘शूरवीर’ गाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस गाने को फिल्म से हटाने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने मामले को 24 सितंबर तक टालते हुए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से इस मुद्दे पर फैसला लेने को कहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिल्म के एक्शन सीन और गाने के मेल पर शुरुआती आपत्ति भी जताई।
महाराणा प्रताप से जुड़े गाने पर क्या है विवाद?
याचिका में दावा किया गया है कि ‘शूरवीर’ गाना महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से बनाया गया था। आरोप है कि फिल्म के क्लाइमेक्स में इसे गैंगस्टर और हिंसक दृश्यों के साथ इस्तेमाल किया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इससे अपराधियों का महिमामंडन होता है और ऐतिहासिक भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है। इसी आधार पर गाने को फिल्म से हटाने की मांग की गई है।
कोर्ट में मेकर्स ने क्या सफाई दी?
सुनवाई के दौरान फिल्म के निर्माता की ओर से कहा गया कि उन्होंने फिल्म देखी है और क्लाइमेक्स में एक ऐसा दृश्य है, जिसमें मुख्य किरदार गुंडों से लड़ता है। निर्माता ने स्पष्ट किया कि इस सीन का महाराणा प्रताप से कोई संबंध नहीं है और न ही किसी तरह की तुलना की गई है। इसके बावजूद अदालत ने कहा कि पहली नजर में गाना और सीन का संयोजन उचित नहीं लग रहा है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि हिंसा को सम्मान देने जैसी स्थिति नहीं बननी चाहिए।
CBFC को बदलाव पर फैसला लेने का निर्देश
अदालत को बताया गया कि फिल्म निर्माता ने CBFC को एक रिपोर्ट भेजी है। इसमें गाने की जगह बैकग्राउंड म्यूजिक लगाने जैसे बदलावों का सुझाव दिया गया है। निर्माता के बयान के अनुसार, सेंसर बोर्ड ने इस मामले पर एक सप्ताह में फैसला लेने की बात कही थी। हाईकोर्ट ने CBFC को इस मुद्दे पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। अब 24 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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