रणवीर सिंह स्टारर और आदित्य धर निर्देशित Dhurandhar 2 बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हो रही है। रिलीज के महज 13 दिनों में फिल्म ने 1,400 करोड़ से अधिक की कमाई कर इतिहास रच दिया। लेकिन इस शानदार सफलता के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कर्नाटक के फिल्ममेकर Santosh Kumar RS ने आरोप लगाया कि धुरंधर 2 उनकी 2023 में लिखी स्क्रिप्ट की कॉपी है। उन्होंने इस दावे के समर्थन में रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज और अन्य सबूत पेश किए हैं और कानूनी कार्रवाई की तैयारी की बात भी कही है।
संतोष ने साझा किए अपने सबूत और अनुभव
संतोष कुमार ने बताया कि उन्हें फिल्म देखने के बाद एहसास हुआ कि फिल्म उनकी ही कहानी पर आधारित है। उन्होंने मीडिया से कहा, “मैंने अपनी कहानी 2023 में बहुत मेहनत से लिखी थी और इसे कई प्रोडक्शन हाउस जैसे सोनी पिक्चर्स, जी स्टूडियोज, टी-सीरिज़ और धर्मा प्रोडक्शन को दिखाया था। शुरुआती दौर में मेरी पहली पसंद मुख्य भूमिका के लिए आदित्य कॉय कपूर थे।” उन्होंने यह भी बताया कि स्क्रिप्ट को उन्होंने स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन में नवंबर 2023 में आधिकारिक रूप से रजिस्टर करवा लिया था। संतोष का कहना है कि उनके पास इस कहानी को साबित करने के लिए सभी कानूनी दस्तावेज मौजूद हैं और वह इस मामले को अदालत में ले जाने के लिए तैयार हैं।
कानूनी लड़ाई के साथ सोशल मीडिया पर बहस
संतोष ने स्पष्ट किया कि भले ही धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है, लेकिन उन्होंने इसे राजनीतिक प्रोपेगैंडा में बदलने का आरोप भी लगाया। इस विवाद के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई है। कुछ यूजर्स संतोष का समर्थन कर रहे हैं और कुछ इसे सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “लो जी, आ गए लाइम लाइट लेने।” वहीं, दूसरे ने सवाल उठाया कि 2025 में फिल्म रिलीज हुई तब संतोष कहां थे। कुछ ने तो मजाक में कहा कि पार्ट 3 का इंतजार करने की बजाय अचानक नींद खुल गई।
संतोष के वर्क फ्रंट और फिल्म इंडस्ट्री में योगदान
संतोष कुमार RS Tirthahalli, Shivamogga, Karnataka, India के रहने वाले हैं और उन्होंने डायरेक्टर, राइटर और प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। उनका डेब्यू कन्नड़ फिल्म Campus Kranti से हुआ और वर्तमान में वह Yuvaan Robinhood पर काम कर रहे हैं। उनका दावा है कि इस विवाद को सामने लाकर वह सिर्फ अपने अधिकारों की रक्षा नहीं कर रहे, बल्कि अन्य क्रिएटिव राइटर्स को भी यह संदेश देना चाहते हैं कि उनकी मेहनत का सम्मान किया जाना चाहिए।
