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Ind vs Pak: बेटा फिर फंस गया बाप के चक्कर में! जीत के बाद देवकीनंदन ठाकुर का तीखा तंज वायरल

टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हमेशा से हाई वोल्टेज माना जाता है। इस बार भी जब श्रीलंका के कोलंबो में दोनों टीमें आमने-सामने आईं तो करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें इसी मैच पर टिकी थीं। मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 176 रन बनाए और पाकिस्तान को 177 रनों का लक्ष्य दिया। शुरुआत थोड़ी संभली हुई रही, लेकिन बीच के ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों ने तेज़ी से रन बटोरे। टीम इंडिया ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया, जिससे स्कोर चुनौतीपूर्ण बन गया। जवाब में पाकिस्तान की टीम दबाव में शुरुआत से ही लड़खड़ाती दिखी और 18 ओवर में 114 रन पर सिमट गई। भारत ने 61 रनों से यह मुकाबला जीतकर टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।

देवकीनंदन ठाकुर का बयान बना चर्चा का विषय

भारत की इस बड़ी जीत के बाद कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी, जो तेजी से वायरल हो गई। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत की जीत निश्चित थी, निश्चित है और सदैव निश्चित रहेगी। उन्होंने टीम इंडिया को ऐतिहासिक विजय की बधाई देते हुए कहा कि जब इरादे अटूट हों और मैदान में हमारे शेर उतरें तो जीत हमारी पहचान बन जाती है। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान पर व्यंग्य करते हुए कहा कि अब समझ आया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भारत के साथ क्रिकेट खेलने से क्यों बच रहे थे। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस को और तेज कर दिया। समर्थकों ने इसे मजाकिया अंदाज में लिया, जबकि कुछ लोगों ने इसे तीखा तंज बताया।

“बाप तो बाप ही होता है” – वीडियो में कही बड़ी बात

देवकीनंदन ठाकुर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि मैच से पहले पाकिस्तान की तरफ से काफी आत्मविश्वास दिखाया जा रहा था, लेकिन बल्लेबाजी शुरू होते ही हालात बदल गए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जानता है कि बाप तो बाप ही होता है। इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। उन्होंने यह भी कहा कि मुकाबले में तिलक वर्मा और रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ियों को भी गेंदबाजी करनी पड़ी और उन्होंने भी पाकिस्तान को दबाव में रखा। ठाकुर ने पहले भी बयान दिया था कि पाकिस्तान मैच खेलने से इसलिए बच रहा था क्योंकि उसे हार का अंदेशा था। उनका कहना था कि हार की बेइज्जती से बचने के लिए बहाने बनाए जा रहे थे। इस पूरे बयानबाजी ने मैच के बाद की चर्चा को और गर्म कर दिया।

कोलंबो में एकतरफा रही दूसरी पारी

कोलंबो के मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम शुरुआत से ही दबाव में रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद मध्यक्रम भी संभल नहीं सका। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर विपक्षी टीम को वापसी का मौका नहीं दिया। दूसरी पारी लगभग एकतरफा रही और पाकिस्तान की पूरी टीम 114 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की, बल्कि मनोवैज्ञानिक बढ़त भी हासिल की। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बड़ी जीत टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देती है। भारत-पाक मुकाबला हमेशा भावनाओं से जुड़ा होता है और इस जीत ने एक बार फिर भारतीय प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दे दिया।

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