Home देश कोहरे ने रोका रास्ता या कुछ और था कारण? विजयवाड़ा के आसमान...

कोहरे ने रोका रास्ता या कुछ और था कारण? विजयवाड़ा के आसमान में चक्कर काटता रहा बिल गेट्स का विमान

माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स का विमान घने कोहरे के कारण विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर देर तक लैंड नहीं कर सका। बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, नारा लोकेश और पवन कल्याण से स्वास्थ्य और एआई सहयोग पर चर्चा की।

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में उस समय हलचल मच गई जब माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक Bill Gates का विमान तय समय पर उतर नहीं सका। रविवार सुबह उनका विशेष विमान विजयवाड़ा एयरपोर्ट के ऊपर कुछ समय तक हवा में चक्कर काटता रहा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो गई थी, जिसकी वजह से एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने लैंडिंग की अनुमति देने में सावधानी बरती।

विमान को सुरक्षा कारणों से होल्डिंग पैटर्न में रखा गया, यानी वह निर्धारित ऊंचाई पर कुछ देर तक चक्कर लगाता रहा। इस दौरान एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट रहीं। मौसम में सुधार होते ही विमान को सुरक्षित रूप से रनवे पर उतार लिया गया। जैसे ही विमान लैंड हुआ, वहां मौजूद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

एयरपोर्ट पर मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस विभाग के अधिकारी पहले से मौजूद थे। लैंडिंग के बाद औपचारिक स्वागत कार्यक्रम हुआ। इस छोटी सी देरी ने कुछ समय के लिए उत्सुकता जरूर बढ़ा दी, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सब कुछ व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।

गर्मजोशी से हुआ स्वागत, सचिवालय में अहम मुलाकात

विमान के उतरते ही राज्य सरकार की ओर से औपचारिक स्वागत किया गया। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Nara Lokesh, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य जनप्रतिनिधियों ने एयरपोर्ट पर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद उनका काफिला सीधे सचिवालय की ओर रवाना हुआ।

सचिवालय में बिल गेट्स ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu से मुलाकात की। इस बैठक में राज्य के उपमुख्यमंत्री Pawan Kalyan भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और कृत्रिम मेधा यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाना था।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही स्वास्थ्य परियोजनाओं की जानकारी दी और बताया कि किस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। वहीं बिल गेट्स ने तकनीकी सहयोग, डेटा प्रबंधन और एआई आधारित हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम पर अपने विचार साझा किए।

यह बैठक केवल औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि इसे भविष्य की रणनीतिक साझेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार और फाउंडेशन के बीच संभावित समझौते पर भी चर्चा हुई।

स्वास्थ्य परियोजनाओं के विस्तार पर फोकस

बिल गेट्स फाउंडेशन पहले से ही चित्तूर जिले के कुप्पम क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इन परियोजनाओं में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण जागरूकता और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल माध्यम से मजबूत करने जैसे प्रयास शामिल हैं।

राज्य के शहरी निकाय मंत्री P. Narayana ने पहले ही संकेत दिया था कि इस दौरे का उद्देश्य इन पहलों को राज्यभर में विस्तार देना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने गेट्स से आग्रह किया है कि जो मॉडल कुप्पम में सफल रहा है, उसे अन्य जिलों में भी लागू किया जाए।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यदि एआई आधारित तकनीकों का उपयोग सही तरीके से किया जाए तो बीमारियों की पहचान, डेटा विश्लेषण और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में बड़ी मदद मिल सकती है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में यह तकनीक डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि राज्य सरकार और फाउंडेशन मिलकर ऐसी प्रणाली विकसित करें जो स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी और प्रभावी बनाए। इससे मरीजों को समय पर इलाज और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

एआई सहयोग से बदल सकती है राज्य की तस्वीर

कृत्रिम मेधा यानी एआई को लेकर आंध्र प्रदेश सरकार पहले से सक्रिय रही है। राज्य ने डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। ऐसे में बिल गेट्स के साथ सहयोग को एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बैठक में कहा कि राज्य को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए वैश्विक विशेषज्ञों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि विकास का माध्यम है। यदि इसे सही दिशा में लागू किया जाए तो शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव संभव है।

सूत्रों के मुताबिक, चर्चा में हेल्थ डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड और एआई आधारित पूर्वानुमान प्रणाली जैसे विषय शामिल थे। इससे महामारी जैसी स्थितियों से निपटने में भी मदद मिल सकती है।

बिल गेट्स का यह दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलने वाला कदम माना जा रहा है। विजयवाड़ा में विमान की देरी ने भले ही कुछ समय के लिए उत्सुकता बढ़ाई हो, लेकिन असली चर्चा उस सहयोग को लेकर है जो आने वाले समय में राज्य की स्वास्थ्य और तकनीकी व्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।

 

Read More-क्या आने वाला है बड़ा सुरक्षा बदलाव? रक्षा बजट बढ़ाकर PM मोदी ने दिया साफ संदेश—डिफेंस फोर्सेज के साथ पूरी ताकत से खड़ी सरकार

Exit mobile version