बिहार के पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) एक नए कानूनी विवाद में घिर गए हैं। पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई अदालत के निर्देश के बाद की गई। शिकायतकर्ता आकाश यादव का कहना है कि उन्होंने पहले पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया। अदालत ने उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने का आदेश दिया। अब पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
जबरन घर में घुसने और धमकी देने के आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ दिन पहले तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) कथित तौर पर शिकायतकर्ता के घर पहुंचे और परिवार के सदस्यों से मिलने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान बिना अनुमति घर में प्रवेश किया गया और परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर सामने आई कुछ निजी जानकारियों के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया था। इसी विवाद के चलते परिवार पर दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है।
डिजिटल सबूतों की जांच कर रही पुलिस
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उन्हें फोन कॉल, वॉयस नोट और मैसेज के जरिए भी धमकियां मिली हैं। उन्होंने पुलिस को कुछ स्क्रीनशॉट, व्हाट्सऐप चैट और ऑडियो क्लिप सौंपी हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए फोन नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि धमकियों के पीछे कौन लोग हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष तरीके से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति को उसके अभद्र, अपमानजनक, धमकीपूर्ण एवं असामाजिक व्यवहार के संबंध में विधिवत कानूनी नोटिस भेजा गया, उसने अपनी गलती स्वीकार करने या खेद व्यक्त करने के बजाय प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर मेरे विरुद्ध एक झूठी एवं मनगढ़ंत प्राथमिकी (FIR)… pic.twitter.com/Mlo5O0zysa
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) June 18, 2026
तेजप्रताप यादव ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
एफआईआर दर्ज होने के बाद तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह मामला उनकी छवि खराब करने और राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था और जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है और सच्चाई जल्द सामने आएगी। तेजप्रताप यादव ने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा कानून और संवैधानिक मूल्यों का सम्मान किया है। वहीं, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस मामले ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
Read More-राम मंदिर चढ़ावा जांच में नया खुलासा! सोने की ईंट का सुराग नहीं, SIT के किन सवालों ने बढ़ाई हलचल
