18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद भारत में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस मुलाकात को लेकर केंद्र सरकार से चार सवालों के जवाब मांगे हैं। उनका कहना है कि चीन के साथ रिश्ते सामान्य होना अलग बात है, लेकिन भारत की रणनीति और सीमा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जयराम रमेश के सवालों को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि देश अभी भी इन सवालों के जवाब जानना चाहता है।
गलवान के बाद सरकार के बयान पर पहला सवाल
जयराम रमेश ने पहला सवाल 2020 के गलवान संघर्ष से जोड़ते हुए पूछा कि 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री की ओर से दिए गए बयान का भारत-चीन बातचीत पर क्या असर पड़ा। उन्होंने कहा कि गलवान घाटी में 20 भारतीय जवानों की शहादत के बाद सरकार के उस बयान को लेकर अब भी सवाल मौजूद हैं, जिसमें कहा गया था कि भारतीय सीमा में न कोई घुसा था और न ही कोई मौजूद था। कांग्रेस का आरोप है कि इस बयान से बाद की बातचीत में भारत की स्थिति कमजोर हुई। हालांकि, ये सवाल कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं और सरकार की ओर से इन आरोपों पर अलग रुख रहा है।
‘नरेंद्र मोदी के साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय शिखर बैठक समाप्त हो चुकी है।
ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ये चार अनुत्तरित सवाल हैं, जिनके जवाब भारत अब भी जानना चाहता है।’
इस गंभीर मुद्दे पर कांग्रेस महासचिव (संचार) @Jairam_Ramesh जी का वक्तव्य- pic.twitter.com/xIaNJn84ti
— Congress (@INCIndia) September 13, 2026
लद्दाख और अरुणाचल को लेकर भी घेरा
कांग्रेस ने भारत-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे पर भी सरकार से जवाब मांगा है। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि पूर्वी लद्दाख में भारत के पारंपरिक पेट्रोलिंग अधिकारों और चराई से जुड़े क्षेत्रों को लेकर स्थिति बदली है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में चीन की गतिविधियों का भी जिक्र किया। कांग्रेस का कहना है कि चीन लगातार अरुणाचल से जुड़े अपने दावे दोहरा रहा है और वहां स्थानों के नाम बदलने तथा ब्रह्मपुत्र नदी पर बड़े बांध की योजना जैसे मुद्दे भारत के लिए चिंता का विषय हैं। पार्टी ने सरकार से पूछा है कि इन चुनौतियों से निपटने की स्पष्ट रणनीति क्या है।
ऑपरेशन सिंदूर और चीन से व्यापार घाटे पर सवाल
जयराम रमेश ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन से मिले कथित समर्थन को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने चीन की भूमिका से जुड़े अलग-अलग सार्वजनिक बयानों का हवाला देते हुए पूछा कि भारत का रुख बाद में नरम क्यों दिखाई दिया। इसके साथ ही कांग्रेस ने चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर भी सरकार को घेरा। पार्टी के मुताबिक 2025-26 में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 112.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया। कांग्रेस का कहना है कि चीन पर कच्चे माल और औद्योगिक सामान के लिए बढ़ती निर्भरता भारतीय उद्योग और MSME क्षेत्र के लिए चुनौती बन सकती है। अब इन चारों मुद्दों पर सरकार की ओर से क्या जवाब आता है, इस पर सबकी नजर है।
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