केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में नक्सलवाद पर जोरदार बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में नक्सलवाद की जड़ें वामपंथी विचारधारा में हैं और यह दशकों तक भारत के आदिवासी इलाकों में भय और असुरक्षा का कारण बनी। अमित शाह ने संसद में स्पष्ट रूप से कहा कि सत्ता पाने के लिए आदिवासियों को भड़काया गया और उनका दर्द राजनीतिक हथियार बना। उन्होंने कहा कि यह समस्या 1970 के दशक से लेकर अब तक देश को प्रभावित करती रही, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और देश को नक्सलवाद से आज़ादी मिल चुकी है।
बस्तर से नक्सलवाद समाप्त
अमित शाह ने विशेष रूप से बस्तर का जिक्र करते हुए कहा कि वहां नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा, “आज बस्तर के आदिवासी अपने विकास और सुरक्षा की ओर बढ़ रहे हैं। जो लोग नक्सलवाद के खिलाफ बोलते हैं, उनसे पूछना चाहता हूं कि 1970 से अब तक ऐसा क्यों नहीं हुआ। लाल आतंक के कारण विकास वहां नहीं पहुंच पाया था।” गृह मंत्री ने यह भी बताया कि वर्षों तक आदिवासियों की आवाज़ को संसद में नहीं सुना गया, लेकिन अब उनकी समस्याओं और वेदना को देश की संसद में सम्मानपूर्वक सामने लाया जा रहा है।
नक्सलवाद और आदिवासी समाज
अमित शाह ने यह भी कहा कि नक्सलवाद केवल हथियारबंद हिंसा तक सीमित नहीं था, बल्कि यह आदिवासी समाज में डर और अशांति फैलाने वाला राजनीतिक औजार भी बन गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वामपंथी दलों ने आदिवासियों के मूल अधिकारों और जमीन-जायदाद के मामलों में हस्तक्षेप किया, जिससे स्थानीय लोगों का भरोसा टूटा। गृह मंत्री ने कहा कि अब नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास योजनाओं और सुरक्षा उपायों के चलते आदिवासी समाज धीरे-धीरे सशक्त और सुरक्षित महसूस कर रहा है।
भविष्य और सरकार की रणनीति
अमित शाह ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करना है और इसके लिए सभी राज्य सरकारों, सुरक्षा बलों और स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर रणनीति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार आदिवासी समाज के साथ संवाद बनाए रखेगी और किसी भी प्रकार की राजनीतिक भड़काने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
Read More-नीतीश कुमार ने MLC से इस्तीफा दिया,पूर्व सीएम मांझी बोले- ‘बिहार का भविष्य अब इनकी…’
