चैत्र नवरात्रि के दौरान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित मां ज्वाला देवी मंदिर में इस साल रिकॉर्ड तोड़ चढ़ावा देखने को मिला। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस बार कुल 99 लाख 77 हजार 209 रुपए का नकद चढ़ावा श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 लाख रुपए अधिक है।
नवरात्रों के दौरान लगभग 3.5 लाख श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए। भारी भीड़ के बावजूद व्यवस्थाएं शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रही। विदेशी श्रद्धालुओं की भागीदारी भी देखने को मिली, जिसमें कनाडा से 135 डॉलर, इंग्लैंड से 75 पाउंड, अमेरिका से 6 डॉलर और यूएई से 45 दिरहम की मुद्रा चढ़ाई गई। यह दर्शाता है कि मां ज्वाला जी की आस्था केवल देश तक सीमित नहीं, बल्कि विश्वभर में फैली हुई है।
सीमित संसाधनों में भी बेहतर प्रबंधन की प्रशंसा
मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद श्रद्धालुओं को सुविधाजनक दर्शन सुनिश्चित किए गए। उन्होंने कहा कि मंदिर में नवरात्रों के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने सभी विभागों और सहयोगी एजेंसियों का धन्यवाद किया और इस सफलता को टीमवर्क का परिणाम बताया।
मंडयाल ने यह भी कहा कि मंदिर के अनुभव का लाभ दूसरे धार्मिक स्थलों जैसे चिंतपूर्णी मंदिर में किए गए प्रबंधन से मिला। इससे यहां दर्शन व्यवस्था में सुधार हुआ और लाखों श्रद्धालुओं के आने के बावजूद उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
श्रद्धालुओं को मिली विशेष सुविधाएं
नवरात्र के दौरान मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई विशेष व्यवस्थाएं कीं। इनमें निशुल्क लंगर, धर्मार्थ औषधालय, निशुल्क शौचालय, स्नानागार जैसी सुविधाएं शामिल थीं। इन सेवाओं से दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली और उन्होंने बिना किसी परेशानी के आस्था का अनुभव किया।
मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की सुविधाएं लगातार बढ़ाई जाएंगी ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम वातावरण में दर्शन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता हमेशा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आराम सुनिश्चित करना रही है।
देश-विदेश से श्रद्धालुओं ने टेका माथा
मंदिर के पुजारी कपिल शर्मा ने बताया कि चैत्र नवरात्रों में मां ज्वाला जी के दरबार में अपार आस्था देखने को मिली। देश और विदेश से आए श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि इस बार भक्तों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और सभी ने श्रद्धा भाव से चढ़ावा अर्पित किया।
मंडयाल ने आगे कहा कि मंदिर व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सभी विभागों ने सहयोग किया और टीमवर्क के चलते ही यह आयोजन सफल रहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
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