पश्चिम बंगाल की सियासत में इस वक्त एक ऐसा भूचाल आया है जिसने सत्ता के गलियारों में हलचल तेज कर दी है। आगामी राज्यसभा चुनाव के नामांकन की आखिरी तारीख 14 जुलाई 2026 से ठीक पहले, तृणमूल कांग्रेस (TMC) को अब तक का सबसे करारा झटका लगा है। टीएमसी के तीन बेहद कद्दावर और पूर्व सांसद—सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश बारिक ने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ले ली है। इस हाई-प्रोफाइल जॉइनिंग की पुष्टि बीजेपी के वरिष्ठ नेता शमिक भट्टाचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर की। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि बीजेपी इन तीनों ही नेताओं को खाली बची सीटों पर राज्यसभा भेजकर उनके बचे हुए कार्यकाल को पूरा करवा सकती है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद इन तीनों नेताओं ने पिछले महीने ही संसद सदस्यता और पार्टी से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से ही इनके इस कदम की अटकलें लगाई जा रही थीं।
’50 साल का कुशासन खत्म होगा’— शमिक भट्टाचार्य का तीखा हमला
इस महा-जॉइनिंग के बाद बीजेपी के दिग्गज नेता शमिक भट्टाचार्य ने ममता सरकार और वामपंथियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल ने पिछले 50 सालों से सिर्फ बर्बादी और राजनीतिक हिंसा का दौर देखा है। पहले 34 साल तक लेफ्ट फ्रंट का शासन रहा और उसके बाद टीएमसी ने सत्ता संभाली, लेकिन इस पूरे दौर में बंगाल का विकास पूरी तरह ठप हो गया। शमिक ने दावा किया कि इन तीनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों और उनके मजबूत नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए टीएमसी को लात मारी है। उन्होंने आगे कहा कि बंगाल की लोकतांत्रिक व्यवस्था को पिछले 15 सालों में पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन इस बार जनता ने 90 फीसदी मतदान करके बदलाव की नींव रख दी है। बीजेपी परिवार इन तीनों अनुभवी नेताओं का दिल से स्वागत करता है और इनके आने से बंगाल में पार्टी को एक नई और अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।
युसूफ पठान और प्रसेनजीत चटर्जी की ‘रहस्यमयी’ मुलाकातों से बढ़ा सस्पेंस
बंगाल के इस राजनीतिक ड्रामे में ट्विस्ट सिर्फ यहीं खत्म नहीं होता। एक तरफ जहां तीन सांसदों ने बीजेपी का झंडा थाम लिया, वहीं दूसरी तरफ नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसद और पूर्व टीएमसी नेता युसूफ पठान अचानक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिलने राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ पहुंच गए। युसूफ पठान की शुभेंदु अधिकारी के साथ इस औचक मुलाकात ने बंगाल की राजनीति में कयासों का बाजार गर्म कर दिया है कि क्या आने वाले दिनों में कोई और बड़ा विस्फोट होने वाला है? दिलचस्प बात यह है कि युसूफ पठान के नबन्ना पहुंचने से ठीक पहले, बंगाल सिनेमा के सुपरस्टार प्रसेनजीत चटर्जी भी प्रशासनिक मुख्यालय में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिलने पहुंचे थे। याद दिला दें कि कुछ ही समय पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद प्रसेनजीत चटर्जी के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी, जिससे कड़ियों को जोड़कर देखा जा रहा है।
पीएम मोदी का नया दौर और बंगाल के भविष्य का नया समीकरण
बीजेपी का साफ कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि पश्चिम बंगाल की नई पीढ़ी को अब एक नए युग में प्रवेश करना होगा। बंगाल को देश के बाकी राज्यों की तरह ही विकास की मुख्यधारा में शामिल होना पड़ेगा, जिसे अब तक अलग-थलग रखा गया था। तीन अनुभवी चेहरों के बीजेपी में आने से टीएमसी के भीतर का असंतोष पूरी तरह उजागर हो चुका है। अब सबकी नजरें 14 जुलाई की नामांकन प्रक्रिया पर टिकी हैं, जहां बीजेपी इन तीनों नए साथियों को राज्यसभा के रण में उतारकर ममता बनर्जी के खेमे को मनोवैज्ञानिक रूप से मात देने की पूरी तैयारी में है। युसूफ पठान और प्रसेनजीत चटर्जी जैसी हस्तियों की सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि बंगाल की राजनीति अब उस मोड़ पर आ खड़ी हुई है, जहां से सत्ता का पूरा संतुलन बदलने वाला है।
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