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अखिलेश-टिन्नू यादव रिश्तेदारी वाले दावे पर बढ़ा बवाल, क्या बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे पर होगी FIR?

अखिलेश यादव और टिन्नू यादव को रिश्तेदार बताने वाले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बयान पर सियासी विवाद बढ़ गया। समाजवादी पार्टी ने लखनऊ और इटावा में शिकायत देकर एफआईआर की मांग की है। जानिए पूरा मामला।

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और टिन्नू यादव के बीच रिश्तेदारी है। इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह दावा पूरी तरह गलत है और इससे उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई है। इसी वजह से अब सपा नेताओं ने निशिकांत दुबे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

लखनऊ और इटावा में दी गई शिकायत

समाजवादी पार्टी के नेताओं ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में निशिकांत दुबे के खिलाफ शिकायत दी है। सपा नेता मनोज काका समेत कई कार्यकर्ता एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे। वहीं, इटावा में भी पार्टी नेताओं ने अलग से पुलिस को तहरीर सौंपी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया के जरिए अखिलेश यादव के बारे में भ्रामक और गलत जानकारी फैलाई गई। सपा नेताओं का कहना है कि बिना किसी सबूत के ऐसे आरोप लगाना गलत है और इससे लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई है।

राम मंदिर चढ़ावा मामले से जुड़ा है पूरा विवाद

यह पूरा विवाद अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले के बाद शुरू हुआ। इस मामले में जांच के दौरान टिन्नू यादव का नाम सामने आया था। इसके बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि टिन्नू यादव और अखिलेश यादव रिश्तेदार हैं। हालांकि, इस दावे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसी बयान के बाद सपा नेताओं ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए विरोध शुरू कर दिया और पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

समाजवादी पार्टी ने साफ कहा है कि अगर पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई नहीं करती है तो प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता के खिलाफ बिना प्रमाण के आरोप लगाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। फिलहाल पुलिस ने दोनों जगहों पर शिकायत लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस इस मामले में क्या फैसला लेती है और क्या भाजपा सांसद के खिलाफ एफआईआर दर्ज होती है या नहीं।

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