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‘मुझे सिर्फ झुनझुना पकड़ा दिया…’, जीतन राम मांझी का बड़ा बयान, क्या बढ़ेगी एनडीए में नाराजगी?

पटना में HAM की बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सीट बंटवारे और दलित राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया। जानिए उन्होंने क्या कहा और क्यों उनके बयान की चर्चा हो रही है।

जीतन राम मांझी

Bihar Politics:पटना में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) की राज्य परिषद की बैठक में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कई बड़े बयान दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव में सीटों के बंटवारे के समय उन्हें उम्मीद के मुताबिक सम्मान नहीं मिला। मांझी ने कहा, “मुझे विधानसभा सीट के नाम पर सिर्फ झुनझुना पकड़ा दिया गया।” उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान पर निशाना माना जा रहा है। बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

 दलित राजनीति को लेकर कही बड़ी बात

अपने भाषण में मांझी ने कहा कि कुछ नेता खुद को दलितों और आरक्षण का सबसे बड़ा समर्थक बताते हैं, लेकिन असली मुद्दों पर काम नहीं करते। उन्होंने कहा कि सिर्फ बड़े-बड़े बयान देने से दलित समाज की स्थिति नहीं बदलेगी। मांझी ने यह भी कहा कि आज भी दलितों के सामने कई चुनौतियां हैं और उनके अधिकारों के लिए ईमानदारी से काम करने की जरूरत है। उन्होंने इशारों में कहा कि कुछ नेताओं ने सरकार के खिलाफ बोलकर ज्यादा सीटें हासिल कर लीं, जबकि उनकी पार्टी को कम सीटें मिलीं।

चंद्रशेखर आजाद की तारीफ, बेटे को दी सलाह

जीतन राम मांझी ने नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद की तारीफ करते हुए कहा कि वह संसद में दलित समाज के मुद्दे मजबूती से उठाते हैं। उन्होंने अपने बेटे और पार्टी नेता संतोष सुमन को भी सलाह दी कि सिर्फ राजनीति करना काफी नहीं है, बल्कि जनता के मुद्दों पर लगातार आवाज उठानी चाहिए। मांझी ने कहा कि अगर उनकी पार्टी लोगों के असली मुद्दों पर काम करेगी तो आने वाले समय में और मजबूत बन सकती है। उन्होंने समाज में जातीय भेदभाव खत्म करने की भी अपील की।

पुलिस कार्रवाई और राजनीति पर भी उठाए सवाल

मांझी ने अपने भाषण में बिहार की राजनीति और कानून-व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और कहा कि प्रशासन को सभी के साथ बराबरी का व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और लोगों के बीच जाकर काम करने की अपील की। मांझी के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है और अब सभी की नजर दूसरे नेताओं की प्रतिक्रिया पर है।

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